विकास वाजपेयी
कानपुर देहात की राजनीति में अपना वर्चस्व दिखाने को लेकर भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले तथा प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति पूर्व सासंद अनिल शुक्ला वारसी के बीच चल रही राजनीतिक जंग एक बार फिर सतह पर आ गई है। एक दिन पहले भाजपा सांसद के समर्थक कहे जाने वाले भाजपा के संगठन से लंबे समय से जुड़े पूर्व जिलाध्यक्षों सहित कई लोगों ने पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे इसके बाद पूर्व सासंद ने वर्तमान सांसद देवेंद्र सिंह के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला और उनपर कई गंभीर आरोप लगाए। राज्यमंत्री के पूर्व सांसद पति ने अकबरपुर की चेयरमैन दीपाली सिंह तथा उनके पति जितेंद्र सिंह गुड्डन को भी निशाने पर लेकर उनपर परोक्ष रूप से खनन कराने जैसे आरोप लगा दिये।
अवैध खनन की फाइल दबाए थे पूर्व डीएम

पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने पालिका चेयरमैन व उनके पति पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि उन्होंने ही अकबरपुर में मत्स्य पालन विभाग के मिर्जा तालाब में अवैध खनन का मुद्दा उठाया उनकी शिकायत पर ही तत्कालीन डीएम आलोक सिंह ने जांच कराई थी। जांच में पाया गया था कि मिर्जाताल में नगर पंचायत ने बिना किसी अनुमति के करीब एक मीटर से गहरा मिट्टी खनन कराया। टीम के सामने मत्स्य पालन विभाग से रिपोर्ट दी थी कि विभाग की तरफ से अपने तालाब पर मिट्टी की खुदाई और सफाई के लिए कोई अनुमति नहीं दी । जांच टीम ने रिपोर्ट तत्कालीन डीएम को भेज दी थी लेकिन डीएम कार्रवाई करने के बजाय उस फाइल को दबा लिया।
पूर्व सांसद ने नए डीएम के सामने उठाया मुद्दा
पूर्व जिलाध्यक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पूरी तैयारी के साथ भाजपा सांसद व पालिका चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा लेते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि जांच टीम ने अवैध खनन पाया था तो इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद भी तत्कालीन डीएम ने आखिर किसके दबाव में कार्रवाई नहीं की थी। एक पत्र के माध्यम से पूर्व सांसद अनिल वारसी ने एक पत्र के माध्यम से मामले को उठाते हुए कहा कि अब नए डीएम का दायित्व है कि निष्पक्षता से कार्रवाई करते हुए दबाई गई पत्रावली को निकलवा कर उस पर एक्शन लें। मत्स्य पालन विभाग के तालाब में अवैध खनन कराने वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराएं।
प्रभाव को लेकर सांसद- पूर्व सांसद में छिड़ी है जंग

बताते चलें कि अकबरपुर कोतवाली में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला व उनके पति पूर्व सांसद के धरने पर बैठने के बाद कानपुर देहात में भाजपा की राजनीति गरमा गई है। भाजपा में दो गुट तो खुलकर आमने सामने हो गए हैं। दोनों पक्ष एक दूसरे को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पिछले दिनों भाजपा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय कुछ पूर्व जिलाध्यक्षों तथा पुराने भाजपाईयों ने प्रदेश की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला व उनके पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को घेरते हुए तमाम सवाल उठाए थे। इसके बाद पूर्व सांसद वारसी ने भी उसका जवाब देने के लिए ऐसे मामले उठाए हैं। भाजपा के दो प्रभावशाली नेताओं के बीच चल रही एक दूसरे को कमजोर साबित करने के जंग से जिले के अधिकारी भी परेशान हैं कि वह क्या करें और किसकी बात सुनें। भाजपा के पुराने नेताओं ने परोक्ष रूप से पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी पर घुसपैठिये का नाम दिया था।