ओपी पांडेय
हर बच्चे को अपने दादा-दादी से बहुत प्यार होता है। बचपन में उनका ज्यादा साथ मिलना कारण हो या चलना सीखते समय दादा-दादी का कवच बनकर हर समय साथ खड़े रहना। अधिकांव बच्चों का लगाव दादा-दादी के साथ कुछ ज्यादा ही होता है। ऐसा ही अलीगढ़ के एसएसपी नीरज कुमार कुमार जादौन के साथ भी है वह अपने बाबा- दादी से बहुत प्यार करते हैं। जिस दादी से उन्हें बेहद लगाव था वह शनिवार को ही उनका साथ छोड़कर गोलोक को प्रस्थान कर गई थीं। जिस समय अलीगढ़ में सिपाही को गोली मारी गई वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। दादी के साथ छोड़कर जाने से वह बेहद गमगीन थे लेकिन जैसे ही उन्हें अपनी फोर्स के एक सिपाही को गोली मारे जाने की सूचना मिली वह अपना गम भूलकर सिपाही के हालचाल जानने के लिये कर्तव्य पथ पर दौड़ पड़े ताकि उसे बेहतर उपचार कराकर जल्द स्वस्थ कराया जा सके।

दादी के निधन से गम में डूबे थे एसएसपी
पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो एसएसपी नीरज कुमार जादौन की दादी 90 वर्षीय सरला देवी कैसर की बीमारी से पीड़ित थीं। एसएसपी अपनी दादी से बेहद लगाव रखते थे। शनिवार को तड़के कप्तान नीरज कुमार जादौन की दादी सरला देवी शरीर त्यागकर गोलोक के प्रस्थान कर गईं। इसकी खबर लगने से बाद से कप्तान बहुत गम में थे और वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिये चले गये। शाम को गढ़मुक्तेश्वर घाट पर दादी का अंतिम संस्कार किया गया। दादी की मृत्यु होने से पुलिस कप्तान काफी गमगीन थे किंतु जैसे ही उन्हें पता लगा कि हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हिस्ट्रीसीटर द्वारा चलाई गई गोली से एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया है वह अपना गम भूलकर कर्तव्य के पथ पर दौड़ पड़े क्योंकि पुलिस कप्तान को जिला पुलिस की मुखिया माना जाता है और वह जिले में तैनात एक-एक पुलिस कर्मी का अभिभावक भी होता है।
घायल सिपाही का बढ़ाया उत्साह
बताया गया है कि सिपाही को गोली लगने की घटना को गंभीरता से लेकर पुलिस कप्तान सामान्य कपड़ो में ही तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और घटना की बारीकी से पूरी जानकारी करने के बाद जनपद में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पद पर तैनात आईपीएस अमृत जैन से चर्चा करने के बाद पुलिस पर गोली चलाने का दुस्साहस करने वाले हिस्ट्रीशीटर ओम प्रकाश उर्फ शाका की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस टीम गठित कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने के लिए सख्त आदेश दिए। इसके बाद वह घायल सिपाही का हालचाल जानने के लिये अस्पताल पहुंचे यहां सिपाही के परिवार वालों को सांत्वना देने के साथ ही उन्होंने उत्साह बढ़ाने के लिये सिपाही के साहस की तारीफ भी की। कप्तान ने जिला पुलिस के मुखिया होने के नाते अभिभावक की तरह सिपाही का उपचार कर रहे डाक्टरों से भी बात की और सिपाही के परिजनों को भरोसा दिया कि सिपाही के उपचार में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। पुलिस हर संभव मदद करेगी। l
