सरस वाजपेयी
शताब्दी वर्ष में एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने घर-घर पहुंचकर हिंदू समाज के हर व्यक्ति के अपने साथ जोड़ेगा। इसके लिये काम शुरू हो गया। घरों में पत्रक तथा संघ से जुड़े सौ साल के सफरनामे में पहुंचा चुका संघ अगले चरण में कल रविवार 11 जनवरी) से पूरे देश में हिंदू सम्मेलन आयोजित करेगा। हर दस हजार की आबादी में हिंदू सम्मेलन होगा जिसमें हिंदू समाज से जुड़े हर व्यक्ति को जोड़ने की तैयारी है। हिंदू सम्मेलन की सफलता के लिये पूरी तैयारी की जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इन सम्मेलनों में बुलाया जा सके।
शताब्दी वर्ष मना रहा है राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। इसके चलते इस वर्ष को संघ शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहा है। पूरे साल चलने वाले कार्यक्रमों की श्रंखला के पहले चरण में संघ की स्थापना के सौ साल पूरे होने पर एक बार फिर स्वयं सेवकों में उत्साह का संचार भरने के लिये विजयादशमी (दशहरा) के दिन विजयादशमी के दिन सभी स्वयं सेवकों को पूर्ण गणवेश में शाखा पर एकत्र किया गया। जहां शस्त्र पूजन के साथ ही प्रमुख व्यक्ति का बौद्धिक कर स्वयं सेवकों को जागरूक करते हुए बताया गया कि समाज के लिये उनकी जिम्मेदारी क्या है और इसे कैसे पूरा करना है। कार्यक्रम के दूसरे चरण में एक से 31 दिसंबर तक संघ के सौ वर्ष के सफर के संबंध में साहित्य को घर-घर पहुंचाया गया। इसमें यह संदेश दिया गया कि संघ आने वाले वर्षों में समाज हित में क्या-क्या करने जा रहा है।
दस हजार की आबादी पर हिंदू सम्मेलन

संघ के सौ वर्ष का सफर पूरा होने पर एक बार फिर सभी हिंदुओं को संघ के साथ जोड़ने का अभियान शुरू किया जा रहा है। इन सम्मेलनों में इस बात पर भी जोर होगा कि पॉश इलाका हो या फिर दलित बस्ती। हर बस्ती में घर-घर जाकर यहां के युवाओं तथा बच्चों को भी संघ से जोड़ा जाए। इन सम्मेलनों में इस बात पर भी जोर दिया जाएगा कि हर एक को अपने साथ जोड़ा जाए वह किसी जाति से जुड़ा हो या फिर किसी विचारधारा से। अगर कोई दूसरी विचारधारा पर भरोसा रखता है तो उसके अपने साथ जोड़कर समझाया जाए कि संघ की विचारधारा किस तरह देश तथा समाज को मजबूती देने वाली है और संघ आने वाले समय में जो कार्यक्रम करने जा रहा है वह सभी देश समाज तथा परिवार (कुटुंब) जो एकजुट कर मजबूती देने वाले ही हैं। अपने कार्यक्रमों के माध्यम से हर वर्ग को संघ के साथ जोड़ने पर जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है।
एक माह तक आयोजित होंगे हिंदू सम्मेलन
जानकार लोगों की मानी जाए तो यह सकल हिंदू सम्मेलन 11 जनवरी से 12 फऱवरी तक आयोजित किये जाएंगे। हर क्षेत्र में पहुंचा जा सके इसके लिये कानपुर को ही कई हिस्सों में बांटकर सम्मेलन किये जाएंगे। कार्यक्रम इस तरह से तैयार किया गया है कि हर दस हजार की आबादी में एक हिंदू सम्मेलन सफलता के साथ संपन्न कराया जा सके। इस सम्मेलन में लोगों को जोड़ने के लिये घर-घर संपर्क करने के साथ ही प्रचार-प्रसार भी जोरदारी से किया जा रहा है। हर मंदिर के बाहर पोस्टर लगाने के साथ ही बच्चों व किशोरों की अगुवाई में शनिवार (दस जनवरी) को संध्या फेरी निकालकर राम मंदिर आंदोलन के समय जैसा माहौल बनाया गया।
सुंदरकांड-भजनों का होगा पाठ, पुजारी किये जाएंगे सम्मानित

माना जाता है कि क्षेत्र के अधिकांस लोग मंदिर जाते हैं और धार्मिक कार्यक्रम होने पर लोग स्वतः ही जुड़ जाते हैं इस बात को ध्यान में रखकर तय किया गया है कि हिंदू सम्मेलन की शुरूआत में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे किसी स्थान पर बेहतर गायक सुंदर कांड का पाठ करेंगे तो कहीं भजनों का गायन होगा। इसके बाद क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों को पुजारी को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में संघ से जुड़े किसी प्रमुख का बौद्धिक होगा जिसमें ऊंच-नीच की भावना से ऊपर उठकर सोंचने और सभी हिंदू है इस बात को समझाने पर जोर दिया जा सकता है।
शिशु व किशोरों को जोड़ने पर रहेगा जोर
भरोसेमंद सूत्रो की मानी जाए तो भविष्य की योजना को ध्यान में रखकर इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि एक माह तक आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलनों में बच्चों तथा किशोर वर्ग के लोगों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जाए क्योंकि अगर इस उम्र में ही बच्चों को संघ की विचारधारा समय़ में आ गई तो वह आने वाले समय में समाज हित के काम को हमेशा ध्यान रखेंगे जिससे संघ की विचारधारा और बढ़ती जाएगी।
