क्षेत्र में वसूली कर रहा था सब्लू, पुलिस ने दबोचा

निशंक न्यूज।

कानपुर। हत्या के प्रयास में मुकदमें में शाहिद पिच्चा के जेल जाने के बाद पिच्चा के खिलाफ मुकदमा लिखाने वाला एजाजुद्दी सब्लू ने क्षेत्र में व्यापारियों से वसूली शुरू कर दी थी। वह अपना दबाव बनाकर व्यापारियों पर वसूली का दबाव बना रहा था। एक व्यापारी को धमकाया तो बात पुलिस तक पहुंची और पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सब्लू को गिरफ्तार कर लिया। पिछले दिनों सब्लू को गोली मारी गई थी। जिसमें शाहिद पिच्चा के साथ यूसुफ चटनी के अलावा पिच्चा के बहनोई व मां आदि को नामजद कराया गया था। पुलिस का कहना है कि शाहिद पिच्चा से दुश्मनी पालने के बाद सबलू ने अपना गैंग बनाया था। हर्षनगर में जानलेवा हमले के बाद पिच्चा के शागिर्दों को पुलिस ने जेल भेजा तो सबलू मुस्लिम इलाकों का अकेला बादशाह बन गया। ऐसे में जनता के दिल से उसका खौफ खत्म करने के लिए पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उसका क्षेत्र में जुलूस निकाला।

व्यापारी से वसूली एक लाख की रंगदारी

चमनगंज निवासी जैद बारी कमीशन पर मकान खरीदने-बेचने का काम करते हैं। जैद के मुताबिक, 14 अगस्त की रात अपने घर के नीचे खड़े थे, इसी दरमियान हिस्ट्रीशीटर एजाजुद्दीन उर्फ सबलू ने मौके पर पहुंचकर धमकाया कि, व्यापार अच्छा चल रहा है तुम्हारा, लेकिन अबी तक रंगदारी नहीं मिली है। सबलू ने हुक्म जारी किया कि, छोटे भाई गुड्डू उर्फ मुड्डी को एक लाख की रंगदारी देना, वरना क्षेत्र में काम करना भूल जाओ। बात नहीं मानी तो जान से हाथ धो बैठोगे। आरोप है कि, इसके बाद 19 अगस्त की रात घर के पास ही सबलू और उसके भाई गुड्डू ने असलहा निकालकर जान से मारने का ऐलान किया तो जैद ने सबलू और गुड्डू को एक लाख रुपये की रंगदारी सौंप दी। इसी मामले में सबलू की गिरफ्तारी हुई है। चमनगंज थाना प्रभारी संजय राय ने बताया कि सबलू पर शहर के कई थानों में 24 मुकदमे दर्ज हैं, इसी कारण दहशत कम करने के लिए क्षेत्र में पैदल घुमाकर जुलूस निकाला गया है।

सब्लू की गर्दन पर मारी गई थी गोली

हिस्ट्रीशीटर एजाजुद्दीन उर्फ सबलू को गोली मारने की साजिश जेल में बंद शाहिद पिच्चा ने रची थी। पिच्चा भी डीटू गैंग का शूटर था। दोनों में दुश्मनी से पहले गहरी दोस्ती थी। कई साल पहले एक प्रापर्टी को लेकर विवाद हुआ और दोनों की राह अलग हो गईं। अपना-अपना गैंग बनाकर दोनों एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। सबलू की मुखबिरी से ही शाहिद पिच्चा को पुलिस ने पकड़ा था, जिसका बदला लेने के लिए सबलू पर हमला कराया गया। 30 जून को सबलू स्कूटी से अपने दोस्त मो. आकिब व शकील के साथ चाय पीने मोतीझील जा रहा था। इस बीच, हर्ष नगर पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों पर सवार हेलमेट चार लोगों ने पिस्टल से फायर कर दिया था। गोली सबलू की गर्दन पर लगी, लेकिन उसकी जान बच गई। मामले में सबलू की तहरीर पर स्वरूप नगर थाने में शाहिद पिच्चा, उसके बहनोई जीशान मौरंग, फिरोज उर्फ भइया, शाहिद पिच्चा की मां, सनी मौरंग, युसुफ चटनी समेत नौ आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

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