पॉपकॉर्न ने ढूंढा हाँल का रास्ता, गेमिंग पर जबरदस्त टैक्स

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निशंक न्यूज

मूवी देखते हुए पॉपकॉर्न खाना तो सभी को पसंद है लेकिन लगभग 90 फीसदी लोगों के जहन मे एक सवाल हमेशा रहता था कि हाँल के बाहर मिलने वाली पॉपकॉर्न और अन्य खाद्य सामग्रियाँ इतनी महंगी क्यूँ होती है? इसका कारण था सामग्रियों पर लगने वाला अत्याधिक टैक्स जिस वजह से अधिकतर लोग मूवी हाँल के बाहर मिलने वाली चीजों से कतराते थे और अपना मन मारते थे| आपको बता दें कि जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक मंगलवार को संपन्न हुई जिसके बाद अब लग रहा है कि पॉपकॉर्न ने हाँल का रास्ता ढूंढ लिया है| नई दिल्ली में विज्ञान भवन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई और फैसले लिए गए| सीतारमण ने जहां ऑनलाइन गेमिंग , कैसिनो और घुड़सवारी प्रतियोगिता को जीएसटी के दायरे में लाकर 28% टैक्स की श्रेणी में रख दिया है वही दूसरी तरफ सिनेमा घरों मे मिलने वाली खाद्य सामग्रियों पर टैक्स की दर को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है| इसके अलावा कैंसर जैसे जानलेवा बीमारी की इंपोर्टेड दवाइँयो से आईजीएसटी (IGST) हटाना शामिल हैं |

जीएसटी लगाना जरूरी क्यों

ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्रीज़ ने पिछले वर्ष 13500करोड़ का कारोबार भारतीय बाज़ारो में किया था जबकि इस वर्ष यह आकड़ा बढ़कर 16700 करोड़ रुपये पहुंचने की सम्भावना हैं जिसमे कैसिनो भी शामिल है | देश में जबसे ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो शुरू हुआ है तब से विदेशी निवेश काफी हद तक बड़ा है| आज के दौर में भारत का युवा ऑनलाइन गेमिंग को बहुत पसंद कर रहा है इसमें सोशल मीडिया का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है काफी बड़ी संख्या में बच्चे और युवा ऑनलाइन गेमिंग अलग अलग प्लेटफॉर्म पर खेलते है जिससे की गेमिंग इंडस्ट्री के इस बूम को देखते हुए जीएसटी परिषद् ने इसको भी 28% टैक्स की श्रेणी में सम्मिलित करने का निर्णय लिया हैं भारतीय कंटेंट क्रिएटर सोशल मीडिया प्रमोशन के माध्यम से करोड़ो रूपये कंपनीयो से चार्ज करते है,,,

कोरोना काल में बढ़ी गेमिंग की मार्केट

कोरोना काल में जब पूरी दुनिया में लॉकडाउन का दौर चल रहा था तब अपने अपने घरों में क़ैद युवाओं ने ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से वो वक़्त काटा ।।। तभी कोविड काल में स्मार्टफ़ोन का महत्त्व इतना बढ़ गया था हॉल ही में पाकिस्तानी लड़की इकरा जिवानी जो की भारतीय लड़के से ऑनलाइन गेमिंग में हुए प्यार की वजह से चोरी छुपे भारत आ गयी इसी तरह से काफ़ी लोग ऑनलाइन गेमिंग के ज़रिये अपना सोशल सर्कल और नयी दोस्ती बनाने के लिये भी इन प्लेटफ़ार्म्सका सहारा लेते हैं।

दैनिक ज़रूरतो में किस पर कितनी जीएसटी

खाने का तेल ,शक्कर चाय ,कॉफ़ी ,मिठाई,ड्राई फ्रूट्स ,अगरबत्ती ,इन्सुलिन पर – 5%
कंप्यूटर लैपटॉप और प्रोसेस्ड फ़ूड ,केचप, घरेलु बर्तन पर – 12%
हेयर आयल ,टूथपेस्ट,एल्लुमिनीयम फॉयल ,लिथियम पॉवर बैंक पर, – 18%
ताज़े फल ,ताज़ी सब्ज़ियो, मांस और मछली पर जीएसटी नहीं रखा गया है