BJP: अब भाजपा में नवीन युग, पीएम बोले नबीन मेरे बॊस

निशंक न्यूज

बिहार से राजनीति की शुरूआत करने वाले भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता नितिन नवीन भाजपा के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर काबिज होने वाले नितिन नवीन पहले ऐसे युवा नेता हैं जो सबसे कम उम्र के हैं। नितिन नवीन भाजपा के एक प्रमुख युवा नेता हैं, जिन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक का सफर तेजी से तय किया है। वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और इतिहास में सबसे युवा व्यक्ति हैं जिन्होंने यह पद संभाला है। नये राष्रट्रीय अध्यक्ष पद संभालने के बाद भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं ने उनकी सराहना की है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें भाजपा का कार्यकर्ता होने पर गर्व है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन उनके बॊस हैं और वह उनके कार्यकर्ता।

बंगाल चुनाव होगा नबीन के लिए चुनौती

भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काम संभालना वाले नितिन नबीन के सामने इसी वर्ष पश्चिम बंगाल समेत तीन अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव नये राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए चुनौती है। भाजपा कई बार से पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को पराजित कर यहां की सत्ता हासिल करना चाहती है लेकिन हर बार उसे पराजय का सामना करना पड़ रहा है। नितिन नबीन की अगुवाई में भाजपा का ज्यादा फोकस पश्चिम बंगाल के चुनाव पर ही रह सकता है। भाजपा को इस बात से भी उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल के पड़ोसी प्रदेश बिहार से ताल्लुक रखने के कारण नितिन नबीन की ताजपोशी पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत का आधार बन सकती है।

बिहार से की राजनीति की शुरूआत

नितिन नवीन ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरूआत 2006 में की, जब उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद पटना वेस्ट विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा और उसमें जीत हासिल की। उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष की थी। बाद में उनका चुनाव क्षेत्र बांकीपुर बन गया, जहां से वे लगातार कई बार विधायक बने। नितिन नवीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। इस दौरान सरकार में वह सड़क निर्माण मंत्री, शहरी विकास और आवास मंत्री तथा कानून विभाग के भी मंत्री बने। इन भूमिकाओं में उनके काम को पार्टी और जनता दोनों ने सराहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको बधाई देते हुए कहा कि वे पार्टी के मुख्य नेता हैं और खुद को पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता मानते हैं, जिससे पार्टी की संगठनात्मक ताकत का संदेश जाता है। भारतीय जनता पार्टी का यह महत्वपूर्ण पद उन्हें पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा से बदलते समय मिली, जहां उन्होंने भाजपा संगठन की जिम्मेदारियाँ संभालीं। नितिन नवीन को पार्टी संगठन को मजबूत करने वाला कार्यकर्ता माना जाता है। वे नीचे से ऊपर तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं और पार्टी की जमीनी राजनीति को समझते हैं। उनका मानना है कि राजनीति एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है जिसका लक्ष्य सिर्फ चुनवा जीतना नहीं बल्कि लोगों के रोजमर्रा के मामलों से जुड़ना भी है। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी सहित सत्तासीन प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित हर प्रमुख नेता शामिल रहा और सभी ने नितिन नबीन की सरलता व सहजता की तारीफ करते हुए कहा कि नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से भाजपा को और लाभ होगा।

संगठन की मजबूती को मिलेगा बल

भाजपा में उम्र के लिहाज से यह बदलाव एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है कि पार्टी युवा नेतृत्व को आगे ला रही है। 2026 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा का यह कदम पार्टी राजनीति और संगठनात्मक मजबूती के लिए अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि नितिन नवीन ने भाजपा में एकता और नये विचारों के लिए उम्मीदें जगाई हैं।

झारखंड में जन्में नबीन कई बार रह चुके हैं विधायक

1980 में रांची अब वर्तमान में झारखंड में जन्में नितिन नवीन सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता और चार बार बिहार विधानसभा में विधायक रहे नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। वे एक सामान्य लेकिन राजनीतिक रूप से सक्रिय परिवार से आते हैं, जहाँ उनके पिता ने पहले ही राजनीतिक गहराई से काम किया था। नितिन नबीन को कड़ी मेहनत, जमीन से जुड़े रहने और एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में देखा जाता है। उनका व्यक्तित्व ऐसा है जो राजनीतिक परंपरा और नये विचारों के बीच संतुलन बनाता है। यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी है।

युवा नेतृत्व और राजनीति में भागीदारी

नितिन नबीन ने अपने पहले भाषण में कहा कि राजनीति भोग नहीं त्याग है, राजनीति शक्ति के लिए बल्कि सेवा और राष्ट्रनिर्माण के लिए होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को राजनीति में शामिल होने का आह्वान किया है। वे कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ काम करने की अपेक्षा रखते हैं और विपक्षी नेताओं पर विशुद्ध राजनीति और पार्ट-टाइम रवैये के लिए आलोचना भी करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में सभी फुल-टाइम नेता हैं।

विपक्षियों के खिलाफ कड़ा रुख

उन्होंने भाजपा की नीतियों और सरकार की योजनाओं पर जोर दिया है और विपक्षी दलों पर विकास में कमी या भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, साथ ही कहा कि इन पार्टियों को सत्ता से हटाया जाना चाहिए। आने वाले 2026-27 में उनके सामने चुनावी दबाव भी हैं जिसमें कई राज्यों में विधानसभा चुनाव तथा 2029 में लोकसभा चुनाव भी शामिल है। ऐसे में उनसे अपेक्षा होगी कि वह संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कमजोर राज्यों में पार्टी का विस्तार करने तथा टिकट वितरण और गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की होगी। भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से खुद को भविष्य की पार्टी के रूप में पेश करना चाहती है। ऐसे युवा नेता नितिन नबीन पार्टी के पोस्टर ब्वाय बन सकते हैं। युवाओं और पहली बार बने वोटरों से जुड़ाव बढ़ा सकते हैं। वे पांच बार विधायक, मंत्री और संगठन में हमेशा सक्रिय रहे हैं. यह उन्हें सिर्फ नेतृत्व नहीं बल्कि मैनेजमंट राजनीति में भी मजबूत बनाता है। युवा नेता के तौर पर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद संभालने वाले नितिन नबीन बिहार जैसे जटिल राज्य से निकलकर सफल होते हैं तो यह भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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