निशंक न्यूज।
कानपुर। पनकी थानाक्षेत्र में रहने वाला एक किशोर कुलदीप परिवार के प्रति संवेदनशील था। उसकी उम्र अभी 15 वर्ष की ही थी। वह सुबह स्कलू पढ़ने जाता था फिर काम बंटाने के लिये पानी के बताशे का ठेला लगाता था। परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिये वह पढ़ाई के बाद बताशे का ठेला लगाने लगाता था। इससे होने वाली कमाई से वह अपनी पढ़ाई का खर्च भी निकालता था और परिवार की कुछ मदद भी कर देता था। बस उसे कम उम्र में ही मोहल्ले की एक किशोरी से प्रेम हो गया। यह प्रेम ही उसकी मौत का कारण बन गया। किशोरी से प्रेम की बात किशोरी के भाई को पता चली तो उसने किशोर को समझाया लेकिन एक तरफा प्यार में पागल कुलदीप इसके लिये राजी नहीं हुआ। कई बार समझाने के बाद भी किशोर ने अपनी कथित प्रेमिका का पीछा करना नहीं छोड़ा तो गुस्राए किशोरी के भाई ने अपने दोस्तों की मदद से किशोर कुलदीप को पनकी से अगवा किया और उसकी हत्या करने के बाद उसके शव को शिवली थानाक्षेत्र के जंगलों में फेंक दिया। रास्ते में लगे कैमरे में किशोरी के भाई की गाड़ी कैद हो गई और इसके सहारे पुलिस ने किशोर का अपहरण कर हत्या किये जाने की इस अंधी घटना का खुलासा करने में सफलता पा ली। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
12 अगस्त को अगवा किया,14 को मिला शव
बताया गया है कि कानपुर नगर के सजेती थानाक्षेत्र के गुरैयनपुरवा के रहने वाले हरिश्चंद्र निषाद अपने परिवार के साथ पनकी के रतनपुर इलाके में रहते हैं। हरिश्चंद्र का छोटा बेटा कुलदीप निषाद (15) आठवीं का छात्र था। परिवार की जिम्मेदारी में भी वह हाथ बंटाने का प्रयास करता था जिसके चलते स्कूल से लौटने के बाद पानी के बताशे का ठेला लगता था। 12 अगस्त की रात से कुलदीप लापता था। परिवार वालों द्वारा गुमशुदगी दर्ज करान पर पुलिस ने अपने स्तर पर व परिवार के लोग अन्य रिश्तोदारियों में कुलदीप की तलाश कर रहे थे। इस बीच 14 अगस्त को कुलदीप का शव कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र में झाड़ियों में मिला। इसके बाद से पुलिस ने पनकी के घटनास्थल से लेकर शिवली तक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को तलाशना शुरू किया तो एक फुटेज में स्विफ्ट कार (यूपी-31- सीए- 7870) दिखी। यह कार पनकी के घटनास्थल पर कुलदीप के ठेले के पास भी नजर आई थी। यहीं से पुलिस को लाइन मिली और गाड़ी नंबर का पता लगाते हुए पुलिस आगे बढ़ी तो यह कार पनकी में कुलदीप के घर के पास ही रहने वाले एक युवक की निकली। इसकी जानकारी पर सामने आया कि गाड़ी मालिक के परिवार की एक किशोरी से कुलदीप एक तरफा प्यार करता था जिसे लेकर गाड़ी मालिक युवक नाराज रहता था।
दोस्तों का पैसा देने का लालच देकर कराई हत्या
गाड़ी नंबर व परिवार की एक किशोरी से प्रेम की बात सामने आने के बाद पुलिस ने गाड़ी मालिक पवन से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने बताया कि उसने ही नोएडा में रहने वाले अपने दोस्तों से इस घटना को अंजाम दिलाया है। यह दोनों नोएडा में एक होटल में काम करते हैं। पंकज ने यह भी बताया कि वह भी पहले नोएडा में काम करता था यहीं पर इन युवकों से उसकी दोस्ती हुई थी। इसके बाद पुलिस ने पवन की निशानदेही पर वारदात में शामिल उसके दोस्तों कौशल कुशवाहा उर्फ आयुष और नवीन को हिरासत में लिया। इन दोनों ने पुलिस को बताया कि पवन ने कुलदीप के पैर पकड़े थे, जबकि कौशल और नवीन ने गला दबाने के बाद 20-25 किलोमीटर आगे जाने के बाद झाड़ी में लाश को फेंका था। कौशल-नवीन ने पुलिस को यह भी बताया कि पवन भी नोएडा में काम करता था, उसी दौरान तीनों की दोस्ती हुई थी। पवन ने हत्या के बदले दो लाख रुपए देने का वादा किया था, लेकिन कुछ भी नहीं दिया।
कुलदीप को बहुत समझाया नहीं माना तो मार डाला
पुलिस हिरासत में पवन ने स्वीकार किया कि, कुलदीप को कई बार किशोरी से दूर रहने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं माना। वह किशोरी की फोटो लोगों को दिखाता था इसके बाद उसे मारने की योजना बनाई और दोस्तों को बुलाने के बाद घटना के दिन कुलदीप को एक पार्टी में चाट-बताशे का काम दिलाने के बहाने बुलाया और दोस्तों की मुलाकात पार्टी आयोजक के रूप में कराई। तीनों ने कार में बैठकर बात करने को तो कुलदीप गाड़ी में बैठ गया इसके बाद कुछ आगे सुनसान में पहुंचने के बाद तीनों ने मिलकर कुलदीप की हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर इस अंधे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।