रावतपुर के नकटी तालाब से हटाए जाएंगे कब्जे

वेद गुप्ता

कानपुर के रावतपुर (मसवानपुर) के पास स्थित नकटी तालाब की करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करने वालों के लिये बुरी खबर है। भूमाफियाओं ने इस तालाब की करीब 70 फीसद जमीन पर कब्जा किया कई ने तो इसे बेच भी लिया जिसपर निर्माण हो चुका है। प्राचीन नकटी तालाब का सुंदरीकरण कराने के प्रयास में लगे गोविंद नगर क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने विधानसभा में इस तालाब की जमीन पर कब्जे का मामला रखा। इसके बाद माना जा रहा है कि जल्द ही तालाब की जमीन पर किये गये अवैध कब्जों को हटा दिया जाएगा।

प्राचीन तालाब की अधिकांश जमीन पर हो गया कब्जा

बुधवार को विधानसभा में चर्चा के दौरान गोविन्द नगर विधानसभा के विधायक सुरेंद्र मैथानी जी ने विधानसभा में दी गई याचिका सदन में स्वीकृत हो गई। विधायक सुरेन्द्र मैथानी ने, गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के मसवानपुर में नकटी प्राचीन तालाब का सुन्दरीकरण कराने का प्रयास तेज कर दिया है। इसके लिए तालाब की 70 प्रतिशत जमीन पर भूमाफियाओं के अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। विधायक द्वारा नकटी तालाब को लेकर विधानसभा में याचिका लगाकर मुद्दे को उठाया गया और अवैध कब्जे हटाने के लिए सदन में याचिका लगाई गई है। जिसको स्वीकार कर लिया गया है।

फर्जी कागजों के सहारे बेंच ली तालाब की जमीन

ग्राम मसवानपुर क्षेत्र के अन्तर्गत नकटी तालाब पक्का तालाब और मामा तालाब के ठीक मध्य में स्थित है। नकटी तालाब 9800 वर्ग गज में है। जिसमें मिट्टी पाटकर भूमाफियाओं द्वारा करीब 70 प्रतिशत जमीन पर कब्जा कर फर्जी अभिलेखों के जरिए प्लाटिंग कर बेंच डाली गई है। जिसके चलते प्राचीन तालाब का बजूद धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर पहुँच गया है। लेकिन गोविन्द नगर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले इस नकटी तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर सुन्दरीकरण कराए जाने का विधायक ने प्रयास तेज कर दिया है। उन्होने बताया कि तालाब से प्राकृतिक जल का संचयन होगा और जल प्रदूषित होने से बचेगा। इसके साथ ही एक लाख से अधिक आबादी को वाटर लेवल मेंटेन की समस्या से निजात मिल सकेगा और आने वाली पीढ़ी को भी प्रदूषण रहित भूगर्भ जल प्राप्त होगा।

तालाब से कब्जे हटाने के मामले में सदन से मिली सहमति

विधायक सुरेन्द्र मैथानी ने कहा कि तालाब व सार्वजनिक भूमि पर भूमाफियाओं का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तालाब की जमीन कब्जा कर फर्जी प्लाटिंग कर करोड़ो रूपये कमाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। जिसकी जानकारी सभी को है। बेहतर होगा ऐसे लोग स्वयं तालाब की जमीन से अपना अवैध कब्जा हटा ले । वरना उनका कब्जा हटाने के साथ ही उनके खिलाफ दण्डनात्मक कार्यवाही भी की जाएगी। विधायक ने बताया कि नेहा शर्मा जो कि तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी सदर कानपुर थी।जो बाद में जिलाधिकारी कानपुर नगर भी रहीं। तब उन्होने जनहित में इस प्रकरण पर तालाब के पक्ष में जांच करने के बाद कार्यवाही करते हुए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को आदेशित भी किया था और तत्कालीन जिलाधिकारी समीर वर्मा ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सबमिट करने के साथ कार्यवाही हेतु प्रेषित किया था। विधायक मैथानी ने इस मामले में पर्यावरण मंत्री से भी भेंटकर तालाब की जमीन से अवैध कब्जों को हटवाकर जीर्णोद्वार कराने की बात कही है। जिसपर सदन ने जनहित में इस कार्य के लिए सहमति व्यक्त की है।

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