सरस वाजपेयी
दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंंगर के मामले में अब आर-पार की तैयारी की जा रही है। हाई कोर्ट से जमानत होने व इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा के निलंबन पर रोक लगाने से अब उन्नाव में रहने वाले तमाम लोग खासकर कुलदीप समर्थक व जिस गांव में घटना होने की बात कही जा रही है वहां के लोगों ने सड़क पर उतरकर आरपार की लड़ाई का मन बनाया है। मतलब अब कुलदीप के मामले में आंदोनल-आंदोलन खेला जाएगा। कुलदीप सेंगर के मामले में जो भी हुआ उसे गांव के लोग मीडिया ट्रायल व दिल्ली की राजनीति व वहां की मीडिया में दखल रखने वाले कुछ नेताओं की साजिश मान रहे हैं। यहां के लोगों ने कुलदीप के पक्ष में सड़क पर उतरने की रणनीति बनाई है जिसकी शुरुआत 11 जनवरी को दिल्ली के जंतर- मंतर से की जाएगी।

दुष्कर्म के मुकदमें में कुलदीप को मिली चुकी है सजा
बताते चलें कि उन्नाव जनपद से तीन बार विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ उनके गांव की ही एक युवती ने दुष्कर्म का मुकदमा लिखाया था जो काफी पहले से कुलदीप के परिवार से जुड़ी थी। इस मामले में वर्ष 2018 में पुलिस ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था इस मामले को कुलदीप को उम्र कैद की सजा हुई थी। उस समय राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा जोरों पर थी कि कुलदीप को उसके राजनीतिक विरोधियों ने घेर लिया है लेकिन पुलिस की जांच में एक के बाद एक बिंदु खुलने के बाद राजनीतिक साजिश की चर्चा करने वाले बैकफुट पर आ गए और सब कुछ अदालत के फैंसले पर छोड़ दिया था। इस मामले में कुलदीप को सजा मिलने के बाद सभी ने कुलदीप के साथ से अपने कदम पीछे खींच लिये।

हाईकोर्ट ने सजा निलंबित की, सुप्रीम कोर्ट ने फैेसला किया स्थगित
पिछले दिनों हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कुछ जरूरी शर्तों के साथ कुलदीप सिंह को दी गई उम्र कैद की सजा को निलंबित कर दिया था साथ ही आदेश दिये थे कि कुलदीप को रिहा किया जा सकता है इसके बाद कुलदीप समर्थकों ने उन्नाव में आतिशबाजी भी छुड़ाई और मिठाई भी बांटी लेकिन हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ दुष्कर्म पीड़िता ने धरना शुरू किया और उसके पक्ष में दिल्ली के तमाम संगठन भी हाईकोर्ट के इस फैंसले के खिलाफ सड़क पर उतर आए। कुछ लोगों ने इस फैंसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जिसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप की सजा को निलंबित के आदेश को स्थगित करने के साथ ही उनकी रिहाई पर भी रोक लगा दी। इस मामले में अगले कुछ दिनों के बाद एक बार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की बात कही जा रही है।
मीडिया ट्रायल मानकर की सड़क पर उतरने की तैयारी

बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक लगाने को उनके समर्थक तथा माखी गांव के तमाम लोग इस मीडिया ट्रायल का परिणाम मान रहे हैं। जिसके चलते इन लोगों ने कुलदीप के पक्ष में सड़क पर उतरने की रणनीति बनाई है और इसके लिये सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। उन्नाव जनपद में सोशल मीडिया के कई ग्रुपों में एक भाजपा सभासद के प्रतिनिधि की तरफ से एक पोस्ट डाली जा रही है जिसमें पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को निर्दोष बताकर इसे मीडिया ट्रायल का परिणाम बताते हुए 11 जनवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर अपनी बात रखने की बात कही जा रही है। जंतर-मंचर पर धरना देकर मीडिया का रुख अपने पक्ष में करने के लिये कम से कम पांच सौ लोगों को उन्नाव से दिल्ली ले जाने की तैयारी की गई है।
तीन अलग-अलग क्षेत्रों से विधायक रहे कुलदीप
दुष्कर्म के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव जनपद की तीन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से विधायक रहे। वह पहले उन्नाव सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे इसके बाद वह दूसरे विधानसभा क्षेत्र बांगरमऊ से चुनाव मैदान में उतरे औऱ चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद तीसरी बार उन्होंने भाजपा के टिकट पर भगवंतनगर विधानसभा से क्षेत्र से भाग्य आजमाया और इस बार भी वह लगातार तीसरी बार विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उनके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ तो पुलिस ने कुलदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया उसके बाद से वह जेल में ही है।
