पूर्व सांसद अनिल वारसी सहित तीन भाजपा नेताओं को नोटिस

विकास वाजपेयी

कानपुर। क्षेत्र में अपने प्रभाव को लेकर कानपुर देहात में भाजपा नेताओं के बीच चल रही राजनीतिक तनातनी और एक दूसरे के बीच चलाए जा रहे राजनीतिक तीरों को भाजपा हाई कमान ने गंभीरता से लिया है। पहले पुराने भाजपाईयों द्वारा पूर्व सांसद अनिल वारसी पर आरोप लगाने और इसके बाद भाजपा सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी द्वारा खुलकर आरोप लगाने और परोक्ष रूप से अधिकारियों व कुछ नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने को प्रदेश नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। भाजपा हाईकमान ने पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी तथा मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि जवाब से संतुष्ट न होने पर इन नेताओं पर निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश ने पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कानपुर देहात के तीन प्रमुख नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की है। पूर्व विधायक राजेश तिवारी, पूर्व विधायक मनोज शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वासी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी व उनकी पत्नी प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला।

सांसद व पूर्व सांसद के बीच चल रही राजनीतिक तनातनी

बताते चलें कि पिछले काफी समय से कानपुर देहात में भाजपा की राजनीति में तूफान आया है। राजनीति के धुरंधर एक दूसरे पर आरोप लगा रहे जिनके सार्वजनिक होने के बाद जनपद में भाजपा की छवि पर असर पड़ने लगा है। काफी समय से अंदर खाने चल रही तनातनी पिछले दिनों तब सामने आ गई थी जब जांच के बाद लिखे गए एक मुकदमें को लेकर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला अकबरपुर थाने में जाकर धरने पर बैठ गईं और थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की। धरना स्थल पर राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति पूर्व सासंद अनिल शुक्ला वारसी के पहुंचने के बाद धरनास्थल पर भाजपा की गुटबाजी तब सार्वजनिक हो गई जब पूर्व सांसद ने यहां से तीन बार के सांसद देवेंद्र सिंह भोले पर गंभीर आरोप लगाए यही नहीं उन्होंने सांसद देवेंद्र सिंह भोले तथा जिला पंचायत अध्यक्ष दीपाली सिंह व उनके पति गुड्डन सिंह पर भी तमाम आरोप लगा डाले। उन्होंने धरना स्थल से ही प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक को फोन किया उस समय स्पीकर अॉन था और सभी लोगों ने पूर्व सांसद की बातें सुनी जिसमें वह ब्राह्मणों के न सुने जाने की बात कह रहे थे।

दो पूर्व जिलाध्यक्षों ने पूर्व सांसद को घेरा

बताया गया है कि पूर्व सांसद वारसी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पिछले दिनों ब्राह्मण समाज से आने वाले दो पूर्व जिलाध्यक्षों राजेश तिवारी तथा मनोज शुक्ला ने पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी पर कई गंभीर आरोप लगाए। कई वर्षों से भाजपा के संगठन को मजबूत करने में लगे इन दोनों जिलाध्यक्षों ने यहां तक कह दिया जब से दूसरे दल से लोग भाजपा में आए हैं तब से यह अपना महत्व दिखाने के लिये संगठन की किरकिरी करा रहे हैं इनका इशारा राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी की तरफ था क्योंकि वह भी बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।

प्रदेश नेतृत्व ने दिया कारण बताओ नोटिस

यह सभी आरोप संगठन के मंच पर उठाए जाने के बजाए सार्वजनिक तौर पर मीडिया के मौजूदगी में लगाए जाने की बात को प्रदेश संगठन ने गंभीरता से लिया है। इसके बाद भाजपा हाईकमान की तरफ से इन तीनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश महामंत्री (मुख्यालय प्रभारी) गोविन्द नारायण शुक्ल की ओर से जारी पत्रों में कहा गया है कि संबंधित नेताओं के सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से पार्टी विरोधी गतिविधियां व वक्तव्य सामने आए हैं। इसे गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीनों नेताओं को सात दिन के भीतर प्रदेश कार्यालय में उपस्थित होकर या लिखित रूप में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आगे कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।पार्टी संगठन ने यह भी दोहराया है कि अनुशासन ही भाजपा की मूल पहचान है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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