आलोक ठाकुर
कानपुर। नगर निगम जोन तीन में आने वाले कई इलाकों में करीब एक महीने से बिजली की समस्या बनी है। सड़क पर लगी नगर निगम की लाइटें खराब हैं। पार्षदों को आए दिन आम लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। अपने मतदाताओं के गुस्से से नाराज पार्षदों के धैर्य का बांध आज टूट गया और पार्षदों ने नगर निगम के जोन कार्यालय में धावा बोल दिया। किसी अधिकारी के मौके पर न मिलने और कर्मचारियों द्वारा संतोष जनक जवाब न दिये जाने से पार्षद के समर्थक नाराज हो गये और यहां तोड़फोड़ कर दी। किसी तरह नाराज लोगों को शांत कराया गया।
साधन न होने का बहाना कर नहीं किये जाते जनता के काम
जोन तीन के कार्यालय पहुंचे पार्षदों का कहना था कि नगर निगम के मार्ग प्रकाश कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा क्षेत्र में काम नहीं किया जा रहा जिससे यहां सड़क पर लगी लाइटें खराब है। सड़क पर अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधी किस्म के लोग क्षेत्र में वारदातों को अंजाम दे रहे। कई स्थानों पर महिलाओं का निकलना मुश्किल हो रहा है। मार्ग प्रकाश को लेकर आ रही समस्याओं के कारण नाराज लोग अक्सर पार्षदों को उलाहना देते और कई बार यह भी कहते हैं पार्षद कोई काम नहीं करा रहे जबकि मार्ग प्रकाश कार्यालय के कर्चमारियों से जब भी काम के लिये कहा जाता है तो वह गाड़ी न होने का बहाना बताकर फोन काट देते हैं।
संतोषजनक जवाब न देने पर फर्नीचर तोड़ा
जनता के लगातार उलाहना देने से परेशान पार्षद अपने समर्थकों के साथ नगर निगम जोन तीन के कार्यालय पहुंचे। बताया गया है कि जिस समय पार्षद यहां पहुंचे कार्यालय में कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इस बात से नाराज पार्षद एक कमरे में अधिकारी की कुर्सी पर बैठ गए और कर्मचारियों को बुलाकर समस्या बताई तो कर्मचारियों ने एक बार फिर गाड़ी न होने के साथ ही कई अन्य समस्याएं बताई लेकिन समस्या के निस्तारण के लिये कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस बात से पार्षद के समर्थक नाराज हो गए और कमरे में रखा फर्नीचर तोड़ दिया। इनका कहना था कि वार्ड की समस्याओं के निस्तारण न किया गया तो अधिकारियों को कार्यालय में बैठने नहीं दिया जाएगा। यह भी कहा गया कि जनता उनसे शिकायत करती है और अधिकारी सुनते नहीं। शाम पांच बजे फोन बंद कर लिया जाता है। सुबह 11 बजे तक अधिकारी कार्यालय में आते नहीं हैं।
पार्षदों को तेवर देख भाग गय कर्मचारी
बताया गया है कि पार्षद तथा उनके समर्थकों के तीखे तेवर देख जोन कार्यालय में मौजूद मार्ग प्रकाश विभाग के अधिकांश कर्मचारी यहां से भाग लिये जो अन्य कर्मचारी थे वह पार्षदों के सामने आने से बचने लगे। पार्षदों का कहना था कि समस्या का समाधान न हुआ तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।