केवल “VB-जी राम जी” पर बोले बृजेश पाठक, बाँकी सवाल किया तो बोले “जय राम जी”

विकास वाजपेयी

उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की किल्लत के कारण प्राइवेट अस्पतालों की चल रही लूट और मनमानी का मामला हो या उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल में अंदरूनी रसाकसी की सुगबुगाहट की बात प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने केंद्र सरकार की वीबी-जी राम जी के इतर किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। शहर के दक्षिण जिले में स्थित भाजपा मुख्यालय में एक मीडिया वार्ता के दौरान ब्रजेश पाठक UPA सरकार के दौरान लाई गई मनरेगा योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार साधते दिखे। यही नहीं उन्होंने सपा-कांग्रेस के केंद्र सरकार की वीबी-जी राम जी के विरोध को मजदूरों और किसानों का अपमान बताया। आपको बतादें की कांग्रेस और इंडिया गठबंधन मोदी सरकार के मनरेगा के नाम बदलने को लगातार मुद्दा बना रहे हैं, जिसके बचाव में केंद्र और भाजपा शासित प्रदेश सरकारों के मंत्री लगभग प्रत्येक जिलों में बैठक और प्रेसवार्ता के माध्यम से खुद के किसानों और मजदूरों का हितैसी होने को दम भर रहे हैं।

मनरेगा में मिलती थीं भ्रष्टाचार की शिकायतें

बीजेपी और उसके समर्थित दलों की एक संयुक्त प्रेसवार्ता में बोलते हुए ब्रजेश पाठक ने कहाँकि मनरेगा योजना के तहत फर्जी जब कार्ड बनाने का धंदा चल रहा था जिसकी कई बार समीक्षा की गई और इसमें भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही है। यही नहीं मजदूरों को समय से पैसा नहीं मिलता था और बिचौलिये किसानों और मजदूरों के पैसों का बंदरबांट करते थे। पाठक ने कहा कि केवल सीमित समय के लिए मनरेगा के तहत कामगारों को भुगतान किया जा रहा था। जहाँ मनरेगा में साल के केवल 100 दिन का रोजगार मिलता था वहीं, vb gramg में 125 दिन की गारंटी मिलेगी । किन्ही कारण वश यदि काम न मिला तो मजदूरों को पेनाल्टी देना पड़ेगा साथ ही किसानों और मजदूरों के हितों की सुरक्षा के लिए कठोर नियमो को लागू किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि नई योजना से किसानों और मजदूरों को लाभ मिलेगा, पहले काम की देख रेख का जिम्मा जिले विकास अधिकारियों के हाथ मे था तो इसको बदल कर अब ग्राम पंचायत ही काम का भुगतान करेगा। नई योजना में 125 दिनों की काम की गारंटी के साथ फसली सीजन में 60 दिनों का किसानी काम का भुगतान सुरक्षित किया गया है। नई योजना के अंतर्गत जल सुरक्षा, जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, जलवायु संरक्षण जैसे उद्देश्यों की पूर्ति को ध्यान में रखा गया है। सुधार सुनिश्चत करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग का प्राविधान है यदि 15 दिन तक काम नहीं मिलेगा तो उसको बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।

बाकी बातेंं फिर कभी

हालांकि इस योजना से इतर जब सरकार के उपमुखिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी बात केवल सरकार की योजना पर बाकी मुद्दों की बात फिर कभी।

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