नशे की चीजों से बचें अपने स्वास्थ्य को ठीक रखेः डॉ राजीव कक्कड़

अमित गुप्ता

कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। इस मौसम में अपने शरीर को बीमारी से बचाना हर एक की जिम्मेदारी है। बच्चों व बुजुर्गों के लिये इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत हैं। युवा भी यह कतई न समझें कि शराब अथवा सिगरेट के सेवन से शरीर से गर्मी आती है। ऐसा है नहीं इन दोनों की चीजों का सेवन ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिये शरीर को स्वस्थ्य रखना है तो मादक पदार्थों तथा तंबाकू का सेवन करने से बचें साथ ही ऐसा खाना न खाएं जिसके पचने में समय लगता हो खाने में ऐसी चीजों का ज्यादा इस्तेमाल करें जो डेढ़- दो घंटे में पच जाती हों अगर आप टहलने जाते हैं तो तब ही टहलने के लिये निकलें जब सूर्य निकल आए। यह कहना है जाने माने चिकित्सक राजीव कक्कड़ का।

सड़क पर मास्क लगाकर निकले_ डाक्टर कक्कड़

निशंक न्यूज से विशेष बातचीत में चेस्ट स्पेशलिस्ट डाक्टर राजीव कक्कड़ ने सर्दी में होने वाली बीमारियों और इनसे बचाव के संबंध में विस्तार से बात की। उन्होंने इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गों के साथ ही दमा रोगियों को खास ऐतिहात बरतने की बात कही। यह भी कहा कि जो लोग स्वांस के रोगी है उन्हें बाहर निकलते समय मास्क लगाकर ही निकलना चाहिये क्योंकि इस मौसम में प्रदूषण बढ़ने की संभावना बनी रहती है। मास्क लगाकर धूल- धुंआ को फेफड़ों तक जाने से काफी हद तक रोका जा सकता है।

अस्थमा पीड़ित बरतें ज्यादा सतर्कता

सर्दी से बचाव की जानकारी देते जाने-माने चेस्ट स्पेशलिसट डाक्टर राजीव कक्कड़।

सर्दी और ग़लन बढ़ने के साथ ही मौसम तो सुहाना हुआ लेकिन बच्चों और बुजुर्गों के लिए समस्याएं बढ़ती जा रही है क्योंकि ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा ठंड का प्रभाव इन्हीं दोनों पर ज्यादा पड़ता है इसी कड़ी में आज चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ राजीव कक्कड़ जी ने बताया कि ये मौसम बुजुर्गों को सबसे ज्यादा प्रभाव डालता है खासकर जिनको अस्थमा और दमा है । उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर में खून की रफ्तार धीमी हो जाती है गिरता हुआ तापमान और बढ़ती हुई ठंड वातावरण में ज्यादा प्रदूषण फैला रही है पिछले मौसम में गर्मी न पड़ने से हवा का बहाव धीमा हुआ है शहर के आसपास के जनपदों में बढ़ते हुए प्रदूषण के चलते अस्थमा और दमा के मरीज को सावधानियां बरतनी चाहिए प्रदूषण के छेत्रो में निकले समय मुंह में मास्क लगा लेना चाहिए जिससे की धुंआ और डस्ट आपके फेफड़ो में ना जा सके।

सांस की नली में सूजन पैदा करते तंबाकू के पदार्थ

निशंक न्यूज रिपोर्टर को सर्दी से बचाव के जानकारी देते डाक्टर राजीव कक्कड़।

उत्तर भारत के जाने-माने चिकित्सक ने ठंड के प्रकोप से स्वयं को बचाने के लिये सलाह दी कि सुबह के समय सूरज निकलने के बाद ही व्यायाम या वॉक पर निकले और विशेषता अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखें साथ ही मादक पदार्थ के सेवन से बचे और किसी भी तरह तंबाकू का प्रयोग हानिकारक होता है यह सांस की नली में सूजन पैदा करती है बहुत से लोगों का यह मानना है एल्कोहल पीने से शरीर में गर्मी आ जाती है लेकिन एक डेढ़ घंटे बाद शरीर की जो कोशिकाएं और ब्लड सेल पर दुष्प्रभाव पड़ता हैं ये इन्फेक्शन कोशिकाओं में डाइल्यूट हो जाता है जिसके कारण शरीर की अपनी गर्मी भी निकल जाती है जिससे निमोनिया व ठंडक लगने का डर बढ़ जाता है , ऐसी स्थिति में आदमी और ज्यादा नशा करने की कोशिश करता है जिससे उसे उल्टियां आती है और वह उल्टियो का पानी उनके फेफड़ों में कहीं से अगर चला जाता है तो इनफैक्ट कर देता है जिस वजह से वेंटिलेटर में जाने की स्तिथि बन जाती है वह और ज्यादा खतरनाक हो जाता है।

डाक्टर कक्कड़ की क्लीनिक में उपचार कराता युवक

तले पदार्थ व नॉनवेज के सेवन से बचें

जिसके लिए उन्होंने बताया ऐसे मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए बच्चों बुजुर्गों को ज्यादा तली हुई चीज नहीं खानी चाहिए , ज्यादा नॉनवेज नही कहना चाहिए क्योंकि उसको डाइजेस्ट होने में काफी समय लगता है गर्म चीजों का सेवन करना चाहिए और ज्यादातर वह चीज खानी चाहिए जो ज्यादा जल्दी डाइजेस्ट हो सके जैसे ताज़े फल जूस और ताज़ी सब्ज़ी का सेवन करना चाहिए ।

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