वेद गुप्ता
भारत में ऐसे कई स्थान हैं जहां वास्तुकला के एक से बढ़कर नमूने सामने आते हैं। कई लोग ताजमहल को वास्तुकला का बेजोड़ नमूना कहते हैं लेकिन शायद उन्होंने गजुरात के भुज में स्थित स्वामी नारायण मंदिर को नहीं देखा है। तमाम लोगों का कहना है कि यहां ताजमहल से भी बेहतर वास्तुकला का प्रदर्शन किया गया है। यह ऐसा मंदिर है जिसपर भूकंप का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
असीम शांति का अहसास कराता है यह मंदिर
श्री स्वामीनारायण मंदिर, भुज में एक हिंदू मंदिर है , देश में अन्य स्वामी नारायण मंदिरों की तरह यहां भी पूजा के स्थान के चारों ओर भगवान कृष्ण और राधा की विभिन्न रंगीन लकड़ी की मूर्तियां स्थापित हैं और इस मंदिर का निर्माण स्वामीनारायण सम्प्रदाय के संस्थापक स्वामीनारायण ने करवाया था। स्वामी नारायण मंदिर शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित है, जिसके चलते आप यहां एक असीम शांति का एहसास कर सकते हैं। इस मंदिर का पुननिर्माण संगमरमर और सोने से किया गया, जिसकी चमक देखकर आपकी आँखें खुली की खुली रह जायेंगी।
मंदिर में हैं शुद्ध संगमरमर से बने 258 नक्काशीदार खंभे
मंदिर के पुननिर्माण में करीबन 600 मूर्तिकारों ने इस प्रोजेक्ट को करीबन 7 साल में पूरा किया। झिलमिलाता ढांचे और एक मुख्य गुंबद के साथ 7 शिखर हैं, 25 छोटे गुंबद और शुद्ध संगमरमर से बने 258 नक्काशीदार खंभे हैं। मंदिर में राधा कृष्ण, गणेश और अन्य देवताओं की मूर्तियां भी हैं। संत निवास संतों के लिए एक ध्यान कक्ष हैं। मंदिर का निर्माण , विशेष रूप से महिलाओं के लिए किया गया है। यहां स्थित भोजन हॉल में एक बार में करीबन 2000 व्यक्ति भोजन कर सकते हैं। श्रद्धालु मंडप में बैठकर कीर्तन आदि भी सुन सकते हैं।
