निशंक न्यूज
कानपुरः अपना शताब्दी वर्ष मना रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा तीसरे चरण में रविवार 11 जनवरी से शुरू किए गए हिन्दू सम्मेलनों में पहले दिन जातिगत भावनाओं से ऊपर उठकर सभी हिन्दुओं को एकसूत्र में पिरोने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन में मौजूद लोगों से कहा गया कि ऊंचनीच की भावना से ऊपर उठकर समाज व देश के विकास को देखा जाए हिन्दू से जुड़ी सभी जाति के लोग हिन्दू हैं इन्हें एक साथ जोड़ने से ही समाज व देश को विकास के रास्ते पर और आगे ले जाया जा सकता है।
युवाओं महिलाओं ने की बढ़-चढ़कर भागीदारी

कानपुर के निराला नगर में पहले ही दिन आयोजित हिन्दू सम्मेलन में सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस संकल्प को दोहराया कि पिछड़ी आबादी में भी घर-घर जाकर हिन्दुओं के एक होने की बात को मजबूती से रखा जाएगा। उन्हें यह बताया भी जाएगा कि देश व समाज के हित में एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। कार्यक्रम में किशोरों व युवाओं के साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। यहां मौजूद संख्या को देखकर अतिथि बनकर कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल, बालकृष्ण त्रिपाठी आदि काफी उत्साहित देखे गए।
डा. हेडगेवार ने भविष्य की सोच से की थी संघ की स्थापना
अपने संबोधन में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि भारत का इतिहास विजय का इतिहास रहा है। आजादी के आंदोलन के समय जब डाक्टर हेडगेवार एक साल के लिए जेल गए तभी उनके मन में यह आया कि जब हमारा इतिहास विजय का इतिहास रहा है तो बार-बार गुलामी क्यों सहनी पड़ती है। उन्होंने संकल्प लिया कि कुछ ऐसा किया जाए कि आजादी मिलने के बाद भी आगे से ऐसी स्थिति न हो और देश बेहतर ढंग से संचालित हो सके इसके लिए सभी हिन्दुओं को एकजुट करना होगा। इसी मंशा के साथ डाक्ट केशवराम बलिराम हेडगेवार ने सन् 1925 में विजयादशमी (दशहरा) के दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना की। डाक्टर हेडगेवार की भविष्य की सोच का ही परिणाम है कि आजादी मिलने के बाद धीमें-धीमे हिन्दू एकजुट होता गया और वर्तमान में देश इस स्थिति में है कि कोई भी भारत की तरफ बुरी नजर से देखने की हिम्मत भी नहीं जुटा सकता है।

सुंदरकांड से हुई हिन्दू सम्मेलन की शुरूआत
सकल हिन्दू समाज को एक करने के लिए 11 जनवरी से 12 फरवरी तक पूरे देश में होने वाले हिन्दू सम्मेलनों की शुरूआत के पहले दिन कानपुर के निराला नगर में सुंदरकांड के पाठ के साथ हिन्दू सम्मेलन की शुरूआत की गई। यहां आसपास की दलित बस्तियों के भी तमाम लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। सम्मेलन में प्रमुख रूप से रामकृष्ण त्रिपाठी, आर जी पांडे, अनुपम दूबे,आनंद जी, सुनील अग्निहोत्री, राजेशजी, अनिलजी, अरविन्द चौहान, टी एन चतुर्वेदी अनिल पांडे, कानपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष सरस वाजपेयी आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।
