एमबीए कर करोड़ों की ठगी करने वाला पकड़ा गया

निशंक न्यूज।

कानपुर। शहर के बड़े व्यवसायिक कांपलेक्स में कार्यालय बनाकर लोगों से व्यवसायिक डील कर करोड़ो रुपये की ठगी करने वाले साइबर ठगों के गिरोह का कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह करोड़ो रुपये की ठगी कर चुका था पुलिस ने गिरोह के कुछ बैंक खातों में जमा करीब साढ़े चार करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं। गिरोह के सरगना पुलकित द्विवेदी के संबंध में पुलिस को पता चला है कि यह शातिर मुंबई से एमबीए करने के बाद यह गिरोह संचालित कर रहा था।

विदेश में रहने वालों को भी ठगते थे

पकड़े गए साइबर ठग के गिरोह के जानकारी देते कानपुर के पुलिस अधिकारी।

पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विदेश में रहने वालों को भी ठग चुके थे। इसमें थाइलैंड, इंटोनेशिया तथा नाइजीरिया के लोग भी शामिल हैं। यह गिरोह हर रोज कई लाख रुपये का लेन देने करता था। गिरोह के लोग कॉल सेंटर चलाकर लोगों के साथ ठगी कर रहा था। यह गिरोह वेब साइट बनाकर लोगों के साथ ठगी कर रहा था। सारा काम इतने शातिर तरीके से किया जाता था कि यहां काम करने वाले कर्मचारी भी नहीं जान पाते थे हो क्या रहा है।

दस-बारह हजार मिलता था वेतन

पुलिस को पता चला है कि इस कार्यालय में पचास से ज्यादा कर्मचारी काम करते थे। कॉल सेंटर में काम करने के नाम पर इन लोगों को दस बारह हजार रुपये वेतन दिया था। इन कर्मचारियों को आपस में एक दूसरे से बात करने की भी अनुमति नहीं थी ताकि भेद न खुल सके। काम करने वालों से एक समझौता पत्र साइन करा लिया जाता था कि वह नौकरी छोड़कर नहीं जाएगा। कर्चमारियों को नौकरी छोड़ने पर धमकाया भी जाता था और कुछ के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया।

साइबर ठग के कार्यालय से बरामद लैपटाप व अन्य सामग्री।

कंपनी ने हजारो करोड़ रुपये का किया फ्राड

कमिश्नरेट कानपुर नगर की थाना साइबर क्राइम टीम ने Webixy Technologies Pvt. Ltd ,ग्लोबल ट्रेड प्लाज़ा नामक ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड व कॉल सेंटर संचालन करने वाले मुख्य अभियुक्त पुलकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। आरोपी ग्राहकों से डील कर पैसे लेने के बाद संपर्क तोड़ देता था। सह-अभियुक्त सत्यकाम साहू व अन्य दो लोग फरार हैं। ग्रीन पार्क, कानपुर स्थित कॉल सेंटर में 56 कर्मचारी कार्यरत थे, जिनमें कई को असली काम की जानकारी नहीं थी और नौकरी छोड़ने पर धमकाया जाता था। मौके से मोबाइल, डेस्कटॉप, लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज बरामद हुए व 6 बैंक खातों में ₹4.50 करोड़ फ्रीज़ किए गए। आरोपी विदेशी वर्चुअल नंबर से भारत सहित कई देशों के नागरिकों को ठगते थे। रैकेट 2020 से संचालित हो रहा था, जो हज़ारों करोड़ के फ्रॉड में संलिप्त माना जा रहा है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व संपत्ति जब्ती की कार्रवाई जारी है।

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