सड़क मार्ग से लखनऊ गए थे कमलेश के हत्यारे

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सड़क मार्ग से लखनऊ गए थे कमलेश के हत्यारे

बरेली में अपने करीबी की मदद से कराया था मोइन्नदीन ने प्राथमिक उपचार

हत्या के बाद बरेली में गुजारी थी रात, दूसरे दिन यहां से गए आगे

गुजरात में कुछ और लोग हिरास में लिये गए

पुलिस मान रही कि हत्यारे शिक्षित और जेहादी स्वभाव के

विवेक वाजपेयी

निशंक न्यूज

लखनऊ में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवरी की हत्या करने वाले शातिर कानपुर में उतरने के बाद सड़क मार्ग से लखनऊ तक गए थे। सीसीफुटेज में हत्यारों के चेहरे व हावभाव को देखने के बाद पुलिस का मानना है की हत्यारे शिक्षित और जुनूनी हैं। हो सकता है कि बेहतर शिक्षा के दौरान सोशल मीडिया के जरिये यह युवक किसी बड़े संगठन के संपर्क में आ गए हों और इनकी भड़काऊ बातों के चलते यह दोनो युवक जेहादी होकर किसी समाज विरोधी संगठन से जुड़ गए हों।

इस हत्याकांड की तह तक जाने के प्रयास में लगी पुलिस ने गुजरात से कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया जिन्हे पुलिस लखनऊ लाकर गोपनीय ढंग से जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस को यह भी संदेह है कि हत्यारों के तार प्रदेश के कई जनपदों से जुड़े हो सकते हैं क्योंकि अब तक यह बात भी सामने आ चुकी है कि हत्यारे लखनऊ में वारदात करने के बाद बरेली गए और वहां किसी करीबी के माध्यम से अपना प्राथमिक उपचार कराया। बरेली में ही रात गुजारने के बाद दूसरे दिन हत्यारे यहां से कहीं गए। बरेली में हत्यारों की मदद करने की तलाश के लिये खुफिया संजाल बिछाया गया है।

निशंक न्यूज ने सबसे पहले खुलासा किया था कि हत्यारे उद्योंग नगरी एक्सप्रेस से कानपुर तक आए थे यहां से वह किस रास्ते से लखनऊ गए इस बात का खुफिया पता लगा रही है। इसके लिये एसटीएफ सहित अन्य खुफिया एजेंसी ने सेंट्रल स्टेशने के साथ ही रेलबाजार स्टेशन के आसपास के कैमरों की पड़ताल की उन्नाव जनपद में टोलप्लाजा की भी फुटेज खंगाली गईं। पुलिस अधिकारी भले ही खुलकर न बोल रहे हों लेकिन खुफिया सूत्रों का मानना है कि कमलेश तिवारी के हत्या कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उतरने के बाद यहां से सड़क रास्ते से लखनऊ गए थे। यहां नाका क्षेत्र के एक होटल में रुकने के बाद इन लोगों ने वारदात को अंजाम दया और इसके बाद होटल में अपने खून से सने कपड़े तथा अन्य सामान छोड़ने के बाद कपड़े बदलकर आराम से चले गए। खुफिया सूत्रों पर भरोसा किया जाए तो लखनऊ में वारदात को अंजाम देने के बाद घटना के दिन ही हत्यार बरेली गए और यहां अपने एक करीबी के जरिये एक डाक्टर के यहां गये। अब तक पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि कमलेश तिवारी की हत्या करने के दौरान एक हत्यारे मोइन्नुदीन के हाथ में उसकी चाकू से चोट लगी जिसका उसने बरेली में प्राथमिक उपचार कराया और इसके बाद रात में हत्यारे बरेली में ही रुके। इसके बाद हत्यारे आगे गए। इसके आधार पर पुलिस हत्यारों तक पहुंचने के प्रयास कर रही है।

दूसरी तरफ पुलिस ने गुजरात पुलिस के सहयोग से हत्यारों के राजदार तीन और लोगों को हिरासत में लिया जिन्हें लेकर पुलिस लखनऊ आ गई है और इनसे खुफिया की टीम भी हत्यारों की जानकारी करने में लगी है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि कड़ी से कड़ी जुड़ती गई तो एक दो दिन में ही हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

हत्याकांड पर बारीकी पुलिस काम कर रही पुलिस-डीजीपी

इस बीच कमलेश हत्याकांड का खुलास करने के लिये दिन रात एक करने वाले प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण हत्याकांड में पुलिस बहुत बारीकी से काम कर रही है। पुलिस इस मामले में महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, अंबाला और उत्तर प्रदेश के कई जिलों अपना संजाल बिछाए हैं अब तक जो इनपुर सामने आ रहा है कमलेश तिवारी हत्याकांड में किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

डीजीपी सभी राज्य के पुलिस प्रमुखों के संपर्क में

प्रदेश पुलिस के मुखिया इस हत्याकांड के खुलासे को लेकर कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात के डीजीपी सहित कुछ अन्य प्रदेश के डीजीपी से संपर्क में हैं और कल भी कुछ प्रदेशों के डीजीपी से श्री सिंह ने इस मामले में काफी देर तक बात की।

पुलिस की नजर सोशल मीडिया पर

कमलेश तिवारी हत्याकांड में मिल रहे इनपुट के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर और पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। इस मामले में ऐसे वेब साइट पर नजर रखी जा रही हैं और धर्म के नाम पर युवाओं को भड़काने का प्रयास करते हैं। पिछले दिनों ऐसे कई मामले सामने आए थे जिसमें कुछ संगठनों द्वारा युवाओं को भड़काकर आंतकी गतिविधियों से जुड़े संगठने से जोड़ने का प्रयास भी किया था।