जब प्रियंका का हुआ सच से सामना

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प्रभात त्रिपाठी निशंक 

न्यूज कनपुरियों ने बताई काग्रेस के गर्क में जाने की  वजह
कहा कि गुटबाजों पर लगाम लगेगी तभी काग्रेस में आएगा दम

काग्रेस में नई जान फूंकाने के प्रयास में लगी प्रियंका गांधी ने कानपुर के नेताओं से बात की तो उनका सच से सामना हो गया। अर्स से फर्स पर पहुंच चुकी काग्रेस के नेताओं की आपसी गुटबाजी प्रियंका गाँधी के सामने भी नहीं छिप सकी  यहां दो गुटों में बटे काग्रेस के नेताओं ने उनके सामने भी एक  दूसरे को नीचे दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रियंका ने उनसे काग्रेस की स्थिति को लेकर गोविंद नगर विधान सभा उप चुनाव में काग्रेस प्रत्याशी की स्थिति के बारे में बात की। नेताओं ने यहां अपने नेता को  बड़ा, जनाधार वाला, पार्टी के  प्रति समर्पित और दूसरे गुट को पार्टी को  डूबाने वाला बताने में कोई  कसर नहीं छोड़ी। उनके सामने ही एक  दूसरे पर जमकर कीचड़ उछाले और हार के लिए एक  दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।


आपको बतादें कि काग्रेस को  नई धार देने में लगी प्रियंका गाँधी प्रदेश के नेताओं को बुलाकार पार्टी की स्थिति की समीक्षा कर रही हैं।  इसी को लेकर उन्होंने शुक्रवार को कानपुर  के प्रमुख नेताओं को दिल्ली में बुलाया था। यहां कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री, आलोक मिश्रा, पवन गुप्ता, महेश दीक्षित, अंबरीश सिंह, मोहम्मद इरफान, शैलेंद्र दीक्षित आदि प्रमुख नेता दिल्ली गए थे। प्रियंका ने बात तो उनसे शुरू की थी कांग्रेस को मजबूत करने के प्रयासों के बारे में लेकिन जब नेताओं ने बात करना शुरू की  तो कांग्रेस को यहां धरातल में पहुंचाने वाली गुटबाजी खुल·कर सामने आ गई। यहां के पूर्व विधायक और पूर्व सांसद की गुटबाजी में बटी कांग्रेस नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाये।

अजीत जोगी  तरह पूरी टीम साथ कांग्रेस को देंगे धोखा
 

प्रियंका ने जब पूछा कि कांग्रेस को यहां कैसे मजबूत किया जा सके और आप लोग किस तरह से काम कर रहे हैं| उनके इस सवाल पर पूर्व सांसद के गुट के नेता ने दूसरे गुट पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व विधायक अपने अलावा किसी को चुनाव में मदद नहीं करते। वह अपना फाउंडेशन चलाते हैं। जो उनके साथ ही बस उसी के लिए हैं। वह दूसरे प्रत्याशियों को जीतने नहीं देते हैं और पार्टी को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ते। नेताओं ने यहां तक कहा कि वह फाउंडेशन के जरिये कांग्रेस पार्टी का सहयोग लेकर अपनी टीम बना रहे हैं। ऐसा भी हो सकता है, जैसे छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी और लखनऊ में अखिलेश दास अपनी पूरी टीम के साथ  से निकले वैसे वह भी कर सकते हैं।
पूर्व सांसद किसी को चुनाव नहीं जीतने देते
दूसरा दल भी आरोप लगाने में पीछे नहीं रहा। पूर्व विधायक  का कहना है कि कानपुर के पूर्व सांसद अपनी टीम के साथ किसी दूसरे को चुनाव नहीं जितने देते हैं। उन्होंने आरोप लगाते  हुए  कहा कि नगर निगम के चुनाव में उन्होंने ही प्रत्याशी को हरवाया है। वह हर जगह अपने पसंद के प्रत्याशी चाहते हैं। यदि ऐसा नहीं होता है तो वह प्रत्याशी को हरानें में जी जान लगा देते हैं। इतना ही नहीं पूर्व विधायक की हार में भी उन्हीं का योगदान था। उनकी पूरी टीम केवल उनके चुनाव में ही सामने आती है।

करिश्मा मजबूत लेकिन भीतर घात भी
जब प्रियंका ने गोविंद नगर उप चुनाव की स्थिति को लेकर चर्चा की तो कांग्रेसियों ने पार्टी प्रत्याशी करिश्मा की स्थिति को मजबूत बताया। लेकिन यहां भी कांग्रेसियों ने एक दूसरे पर दोष मढऩे में कोइ कसर नहीं छोड़ी। पूर्व सांसद के गुट के नेताओं ने कहा की करिश्मा का चुनाव बढिय़ा चल रहा है और वह चुनाव जीत सकती हैं। लेकिन यहां कुछ लोग सहयोग नहीं ·कर रहे हैं। इन नेताओं का कहना था की इस विधानसभा में पडऩे वाले ·कई क्षेत्र पहले उनके विधान सभा क्षेत्र में थे लेकिन एक भी दिन वह पार्टी प्रत्याशी के साथ नहीं घूमे।

 प्रदेश अध्यक्ष की जनसभा से भी रहे गायब
 दूसरे गुट के नेताओं ने कहा की पूर्व विधायक चुनाव और पार्टी के प्रति कितने समर्पित हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू की जनसभा में भी नहीं गए थे। यदि वह सहयोग करें तो पार्टी और मजबूत हो सकती है।

हमारे नेता की वजह से ही प्रत्याशी मजबूत
 इन आरोपों के जवाब में पूर्व विधयक के समर्थकों ने कहा की पूर्व विधायक के द्वारा ताकत और जोर लगाने की वजह से पार्टी प्रत्याशी की स्थिति मजबूत है। उनका पूरा सहयोग है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं वही सहयोग नहीं कर रहे हैं।

जब इतने ताकतवर हैं तो क्यों नहीं लड़े चुनाव
कांग्रेस का इतना बड़ा सच सुनने के बाद प्रियंका का भी नाराज होना लाजमी था। उन्होंने पूर्व विधयक के समर्थन में बढ़ चढ़ कर बोल रहे नेता से पूछ लिया कि जब आपके नेता इतने ताकतवर हैं तो खुद क्यों नहीं चुनाव लड़े। जबकि पार्टी तो उन्हें टिकेट दे रही थी।

सभी मिलकर काम करें तो प्रत्याशी जीत सकती है
प्रियंका ने अपनी नारजगी जाहिर करते हुए कहा कि गुटबाजी पार्टी को फायदा नही पहुंचाएगी। सभी मिलकर काम करें तो प्रत्याशी की स्थिति अच्छी है और जीत भी सकती है।

व्यापारी और युवाओं के लिए जमीन पर लड़ें
प्रियंका ने नेताओं से पूछा कि ये बताइयें कि पार्टी को मजबूत कैसे किया जाए कौन से मुद्दे उठाये जायें। इस पर नेताओं ने कहा की इस समय व्यापारी मंदी से परेशान हैं। दीवाली में कुछ रौनक जरूर है लेकिन व्यापार उम्मीदों के मुताबिक नहीं है। इसलिए व्यापारियों के मुद्दे पर पार्टी को काम करना चाहिए| इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों की नौकरी जा रही है। युवा बेरोजगार बैठा है उनके मुद्दे उठाने चाहिए। पार्टी को व्यापारियों और बेरोजगारी के मुद्दे में जमीन पर लड़ाई लडऩी होगी