निशंक न्यूज डेस्क
लखनऊः लगातार हो रही बारिश से गंगा सहित अन्य नदियों के किनारों पर स्थित शहरों तथा अन्य स्थानों पर हो रहे जलभराव से मुख्यमंत्री नाराज हैं। जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री शनिवार को एक बैठक कर संबंधित अधिकारियों के पेंच कसे और साफ कहा कि जल भराव तथा बाढ़ से किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिये।
कहीं भी न होने पाए अनावश्यक जलभराव
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश के विभिन्न मंडलों और जनपदों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद के मंडलायुक्तों तथा नोएडा प्राधिकरण से जलभराव वाले क्षेत्रों और उसके कारणों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी अनावश्यक जलभराव नहीं होना चाहिए। लो-लैंड क्षेत्रों को चिन्हित कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पम्पिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। जिन नालों में सिल्ट, कूड़ा या किसी अन्य कारण से पानी की निकासी बाधित है, उनकी तत्काल सफाई कराई जाए।
पार्षद भी फील्ड पर जाकर देखें जलभराव की समस्या

मुख्यमंत्री ने सभी महापौरों तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों को स्थानीय पार्षदों के साथ फील्ड में जाकर जलभराव और सफाई व्यवस्था देखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नालों पर जहां भी अतिक्रमण है, उसे चिन्हित कर तत्काल हटाया जाए। नगर निकायों में बाहरी और अनधिकृत तत्वों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। पटरी व्यवसायियों के लिए भी व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों।
बाढ़ प्रभावित लोगों को दिलाया जाए आवास
मुख्यमंत्री ने नदी कटान वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां नदी की धारा आबादी की ओर बढ़ रही हो या उसका रुख बदल रहा हो, वहां समय रहते ड्रेजिंग कराई जाए। संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आबादी और कृषि भूमि को कटान से बचाया जा सके। बाढ़ में जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भूमि का पट्टा उपलब्ध कराकर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाया जाए। बहराइच में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को देखते हुए पेट्रोलिंग बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सीमावर्ती जनपदों में तस्करी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।
भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों पर की जाए सख्ती
मुख्यमंत्री ने कतिपय जनपदों में स्कूल-कॉलेजों को लेकर भ्रामक वीडियो प्रसारित किए जाने की जानकारी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि गलत और भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने मिड-डे मील, बालक-बालिकाओं के लिए शौचालय और कक्षाओं की स्थिति की स्थलीय जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को अच्छी सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को अच्छी सुविधाएं मिलें और पठन-पाठन का बेहतर वातावरण बना रहे। बाल वाटिकाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए।
चीनी को लेकर न फैलने दी जाए अफवाह
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और यह लगभग छह माह की आवश्यकता के अनुरूप है। उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में चीनी की उपलब्धता और मूल्य पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को चीनी के स्टॉक और उपलब्धता की सही जानकारी दी जाए, ताकि किसी तरह की अनावश्यक चिंता या अफवाह की स्थिति न बने। जिलाधिकारी संबंधित अधिकारियों और व्यापारियों के साथ बैठक कर स्थानीय स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करें। आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों को चलाने की व्यवस्था की जाएगी।
