निशंक न्यूज
कानपुर नगर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर अंकित राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। खराब प्रगति पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से चेताया कि शासन की मंशा के अनुरूप अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने चेतावनी पत्र पाने वाले अधिकारियों को भी आगाह किया कि यदि उनके कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं आया तो भविष्य में प्रतिकूल प्रविष्टि सहित और सख्त कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा में पांच अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ कई अन्य को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।

जनपद में आबकारी विभाग की लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने तथा विभाग के लगातार डी श्रेणी में रहने पर जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। मंडी आय में खराब प्रगति पर मंडी सचिव विजन बालियान को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ बैठक में बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। खराब प्रगति पर जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा एडीओ पंचायत पतारा को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा गया।
आईजीआरएस की समीक्षा में नगर निगम की स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। नगर निगम से संबंधित कुल 1,574 प्रकरणों में 759 में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ है। इसे गंभीर मानते हुए नगर निगम के आईजीआरएस नोडल अधिकारी अपर नगर आयुक्त को चेतावनी पत्र जारी करने तथा शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने खनन अधिकारी पारसनाथ यादव को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा एआईजी स्टांप को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तहसीलों के कार्यों की भी समीक्षा की। अंश निर्धारण में अत्यंत खराब प्रगति पाए जाने पर चारों तहसीलों को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने धारा 24 एवं धारा 116 के वादों के निस्तारण के लिए अभियान चलाने तथा अंश निर्धारण के कार्य के लिए विशेष कैंप आयोजित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को राजस्व से संबंधित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। विद्युत देयकों की वसूली में लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने नियमानुसार विद्युत देयकों की वसूली सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी, अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह सहित समस्त तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
