निशंक न्यूज
कानपुर। जिला कारागार में बंद हत्याभियुक्त विक्की सोनी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से विक्की सीने में तेज दर्द की शिकायत कर रहा था, लेकिन उसे समय रहते हृदय रोग संस्थान नहीं भेजा गया। वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि सीने में दर्द की सूचना मिलने पर उसे अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही थी, इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
नौबस्ता थानाक्षेत्र निवासी विक्की सोनी करीब 11 वर्ष पहले हुए एक युवक की हत्या के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध था। वह उस समय भी चर्चा में आया था, जब एक पेशी के दौरान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
परिजनों के अनुसार विक्की पिछले लगभग छह माह से हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित था। करीब दो माह पहले उसे उपचार के लिए कानपुर के हृदय रोग संस्थान में भी भर्ती कराया गया था। उसके भाई दीप चंद्र सोनी का आरोप है कि पिछले दो दिनों से विक्की लगातार सीने में दर्द की शिकायत कर रहा था और उसने जेल प्रशासन से बेहतर उपचार की मांग की थी। इसके बावजूद उसे समय पर अस्पताल नहीं भेजा गया, जिससे उसकी जान चली गई।
दूसरी ओर जेल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि बंदी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही उसे अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। प्रशासन का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा।
घटना की सूचना मिलने पर परिजन जिला कारागार और अस्पताल पहुंच गए। मामले को लेकर जेल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
पुलिस हिरासत से फरार होने पर सुर्खियों में आया था विक्की
करीब 11 वर्ष पुराने हत्या के मामले में जेल में बंद विक्की सोनी एक बार अदालत में पेशी के दौरान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर हिरासत से फरार हो गया था। इस घटना ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर दोबारा जिला कारागार भेज दिया था।
इन सवालों का कौन देगा जवाब
- क्या बंदी की तबीयत बिगड़ने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराई गई?
- सीने में दर्द की शिकायत मिलने के बाद उसे तत्काल अस्पताल क्यों नहीं भेजा गया?
- पूर्व से हृदय रोगी होने के बावजूद क्या नियमित निगरानी की जा रही थी
