घाटमपुर पुलिस की बहादुरी पर पुलिस
कमिश्नर ध्यान दें……..

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मुंह से खून निकलने तक बेगुनाह को मारते
रहे

सिटी स्कैन में खून सिर पर जमा, परिवार का रो रो कर बुरा हाल

खून की उल्टी आने पर जिला अस्पताल रेफर

सुमित कुशवाहा कैसे मनाएं आजादी का अमृत दिवस

हैवान बनी योगी की पुलिस अपराध बन्द नहीं, खुद अपराधी बनी पुलिस

उत्तर प्रदेश पुलिस भले ही बड़े अपराधों को सुलझाने में पीछे रह जाए भले ही बड़े नेता और मंत्रियों के पैर छुए उनकी गुमशुदा भैंसों को तलाशती रहे उनके सामने नतमस्तक रहे ,आम लोगों पर वर्दी का खौफ पैदा करने में यूपी पुलिस अव्वल दिखाई देती है। कानपुर आउटर के घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो वाकई झकझोर देने वाली है।

घाटमपुर पुलिस के चार पुलिसवाले एक युवक को घर के अंदर से पकड़कर लाते हैं ,होटल के बंद कमरे में इतनी बेरहमी से पिटाई करते हैं की जैसे इन चारों पुलिस वालों को यूपी सरकार द्वारा कोई स्वर्ण पदक प्रदान होना है । युवक का कसूर सिर्फ इतना था, कि बीते माह पास के गांव के बाहर तालाब में एक युवक का शव मिला था, जिसको देखने के लिए युवक मौके पर पहुंचा था। वहीं कुछ लोगों की पुलिस पार्टी से हाथापाई हुई थी। जिस पर पुलिस ने करीब 50 अज्ञात लोगों के पर मुकदमा दर्ज किया था। इन पुलिस वालों ने युवक को 2 दिनों तक गांव से कुछ दूरी पर सड़क किनारे एक होटल में ले जाकर लात घूंसों से इतना पीटा कि युवक बेदम होकर गिर गया। पूरे शरीर में गंभीर चोटें है। पुलिस वाले युवक पर लात घूंसे ऐसे बरसा रहे थे। जैसे उसे होटल पर ही लात घूंसे बरसा कर इंसाफ देना हो। आखिर यूपी पुलिस किस कानून का पालन कर रही है क्या यूपी में यही पुलिस का कानून है की मजलूमों के ऊपर इस कदर सितम ढहाए कि वह सन्निपात में पहुंच जाए। क्या ऐसी बर्बरता को कानून माना जा सकता है। क्या युवक की पिटाई करने वाले पुलिस वालों पर निलंबन की सजा ही काफी होगी, जो खुद और डिपार्टमेंट के लिए सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। क्या यही कानून का सही चेहरा लोगों को पुलिस से दूर करता है। इस प्रकार से पीटकर यह पुलिस वाले क्रूरता की नई परिभाषा बना रहे हैं । ऐसे हैवानों को योगी सरकार क्या नौकरी से बेदखल कर पाएगी। पुलिस खुद लीचिंग पर अमादा है यह गरीबों पर अत्याचार है। युवक की जब हालत बिगड़ी तो उसे परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाटमपुर में भर्ती कराया ।जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख घायल को जिला अस्पताल कानपुर में रेफर कर दिया ।

https://youtu.be/VedJEy8PRyI

अभी भी युवक की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। इतना ही नहीं पुलिस वालों ने युवक से ₹15000 भी ले लिए, तालिबानी सजा से युवक की हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है । इस पर पुलिस के आला अधिकारियों ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। क्या कोई आगे कार्रवाई करेंगे या ऐसे ही बेगुनाहों पर पुलिस बर्बरता दिखाती रहेगी।

वेद गुप्ता की रिपोर्ट निशंक न्यूज़