निशंक न्यूज ब्यूरो

लखनऊ। एसआईटी जांच के बाद शासन ने राम मंदिर के दान में कथित चोरी के आरोपियों पर नजर टेढ़ी कर ली है। शुक्रवार को विवादों में आए मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय तथा अनिश मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इधर गुरुवार को इस मामले में गिरफ्तार किये गये चंपत राय की गाड़ी के चालक टिन्नू यादव सहित सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेस किया गया जहां से अदालत ने इन सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस ने मंदिर के चढ़ावा में चोरी करने के आरोपियों के पास से करीब अस्सी लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है। सभी आरोपियों को सोमवार को फिर अदालत में पेश किया जाएगा।

गिनती से जुड़े बैंक कर्मियों पर भी एसआईटी की नजर
जानकार पुलिस सूत्रों की मानी जाए राम मंदिर के चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी करने के इस कथित मामले में यहां दान की रकम गिनने के काम में लगाए गए स्टेट बैंक के करीब आधा दर्जन कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है इन कर्मचारियों से भी पूछतांछ करने की तैयारी की जा रही है। एसआईटी की टीम गुपचुप तरीके से इन कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच कर रही है। जानकारों की मानी जाए तो इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा भी लगाई गई है जो इन सरकारी कर्मचारियों के लिये संकट का कारण बन सकती है। सोमवार को आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किए जाने के दौरान जांच से जुड़े अन्य तथ्यों पर भी सुनवाई होने की संभावना है.

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी जांच और मुकदमा दर्ज कर टिन्नू यादव सहित आठ लोगों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद शुक्रवार को उस समय एक और मोड़ आ गया जब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। जानकारों की मानी जाए तो चंदा और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों के छीटे पड़ने के बाद ट्रस्ट के इन दोनों प्रमुख लोगों पर पड़ने के बाद इन दोनों पर ही लगातार इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा था।
