Life imprisonment: पुलिस वादी बनी और जुटाए साक्ष्य,बेटी की हत्या में पिता को उम्र कैद


आलोक ठाकुर

कानपुर देहात की पुलिस की ठोस पैरवी से एक ऐसे अंधे हत्याकांड में आरोपी को आजीवन कारावास हुआ जिसमें मारी गई युवती के पिता ने हत्या की रिपोर्ट भी नहीं लिखाई थी। पुलिस स्वय ही इस हत्याकांड की वादी बनी और अपने स्तर पर ही सभी साक्ष्य जुटाए। युवती का पिता इसे सामान्य घटना बताता रहा उसने पुलिस की जांच में कोई मदद भी नहीं की लेकिन पुलिस के साक्ष्य इतने ठोस निकले कि सुनवाई के बाद अदालत बेटी के हत्यारे बाप को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसला आने के बाद अदालत में मौजूद लोग पुलिस की इस ठोस पैरवी की तारीफ करते देखे गए।

पत्थर बांधकर फेंक दिया था नदी में शव

बताया गया है कि करीब तीन साल पहले हत्या के बाद शव को पत्थर बांधकर नदी में फेंक दिया था। शव नदी किनारे उतराया तो नदी के पास जानवर चराने गए लोगों ने इसे देखा और पुलिस की सूचना दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो हत्या की रिपोर्ट आई। सामान्यतः पुलिस नदी में उतराते मिले शव को लावारिस या दूसरे स्थान से बहकर आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेती है लेकिन कानपुर देहात की पुलिस ने ऐसा नहीं किया और इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने के लिये अपने सभी प्रयास करने में जुट गई। गहराई से की गई जांच के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड में युवती के पिता को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

रूरा क्षेत्र में रिंद नदी में मिला था शव

रूरा थाना क्षेत्र में रिंद नदी के किनारे 12 अक्टूबर 2022 को एक युवती का शव मिला था। शव के साथ पत्थर बंधा हुआ था, जिससे स्पष्ट था कि हत्या के बाद उसे नदी में प्रवाहित किया गया। चरवाहों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाइट बोन टूटी मिलने के साथ हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस स्वयं वादी बनकर अज्ञात के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुट गई। पुलिस ने शव की शिनाख्त के बाद विवेचना में तमाम साक्ष्य जुटाए। इसके बाद मृतका के पिता निवासी रसवल रावत रसूलाबाद के अरूण कुमार दोहरे को गिरफ्तार किया था। उसके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की कोर्ट में चल रही थी। बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक विशाल सिंह ने कोर्ट के समक्ष मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत कर कठोर सजा की मांग की। कोर्ट ने अरुण कुमार दोहरे को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 40 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

टैटू में लिखे नाम से हुई शिनाख्त
पुलिस को नदी किनारे शव मिला तो शिनाख्त की बड़ी चुनौती थी। वहीं मामला तब और गंभीर हुआ जब पोस्टमार्टम में हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस के लिए सिरदर्द बनी इस घटना में मृतका के हाथ पर बने टैटू, दिल और तीर के साथ लिखा नाम “रुचि” से मदद मिली। रूरा पुलिस को छानबीन में पता चला कि रसूलाबाद के रसवल रावत गांव के अरूण की बेटी की मौत हुई है। शुरुआत में अरुण ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। अरुण व उसके गांव के लोग सामान्य घटना बताते रहे। शिनाख्त के बाद पुलिस ने विवेचना में कड़ी से कड़ी जोड़ दी थी।

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