Kanpur Commissionerate: दुष्कर्म के आरोपी दरोगा को नहीं यूपी पुलिस पर भरोसा

विकास वाजपेयी

कानपुर। सचेंडी में किशोरी से दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद से फरार दरोगा को अपनी ही उत्तर प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं है। दुष्कर्म के आरोपित दरोगा की तरफ से इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर एक पत्र वारयल किया है। आपका निशंक न्यूज परिवार इस इस पत्र की पुष्टि नहीं करता है लेकिन अगर यह पत्र दरोगा का तरफ से जारी किया गया है तो सीबीआई से जांच कराने की मांग करना अपनी पुलिस पर भरोसा ही न करना कहा जाएगा। इधर दरोगा के साथी कथित पत्रकार को जेल भेजने के बाद पुलिस दुष्कर्म के मामले में फऱार दरोगा की तलाश में ताबड़तोड़ छापे मार रही है।

कानपुर के सचेंडी थाने में तैनात था दरोगा

कानपुर कमिश्नरेट के सचेंडीर थाने में तैनात दरोगा अंकित मौर्य तथा उसके साथी कथित पत्रकार शिवबरन यादव पर एक किशोरी ने गाड़ी में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। हालांकि इस दरोगा का तबादवा कुछ दिन पहले ही सचेंडी से बिठूर थाने में किया गया था लेकिन वह अपने प्रभाव के चलते सचेंडी में ही घूम रहा था। पुलिस ने इस मामले में कथित पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से दुष्कर्म का आरोपी दरोगा अंकित मौर्य फरार चल रहा है। पुलिस को दरोगा का गिरफ्तार करने के लिये जगह-जगह छापे मारने पड़ रहे हैं लेकिन दरोगा पुलिस के हाथ नहीं लग रहा है।

डीसीपी-एसीपी हटाए गए,थाना चौकी प्रभारी निलंबित

किशोरी से दुष्कर्म करने की घटना सामने आने के बाद इसे अधिकारियों से काफी समय तक छिपाए रखने तथा इस घटना को गंभीरता से न लेने की बात सामने आने के बाद कानपुर कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने इस घटना को गंभीरता से लिया और स्वय मौके पर जाकर जांच करने के बाद अपने स्तर पर घटना पर पुलिस की भूमिका की जानकारी करने के बाद डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी तथा एसीपी को यहां से हटा दिया इसके साथ ही सचेंडी थाना प्रभारी, भीमसेन चौकी प्रभारी तथा दुष्कर्म के आऱोपी दरोगा अंकित मौर्य को निलंबित कर दिया।

आरोपी दरोगा ने की सीबीआई जांच कराने की मांग

पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो आरोपी दारोगा अमित मौर्य को सस्पेंड करने के साथ ही उस पर इनाम भी घोषित कर दिया गया। दारोगा की तलाश में पुलिस की टीमें गोरखपुर तथा प्रयागराज सहित कई जनपदों में छापेमारी कर रही हैं। इधर दरोगा का तरफ से सोमवार को मुख्यमंत्री व पुलिस कमिश्नर के नाम पत्र लिख मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करने की बात कही जा रही है। दुष्कर्म के आरोपी 50 हजार के इनामी दरोगा ने अपने पत्र में लिखा कि वह पत्र अपने बयान के रूप में पेश कर रहा है। पत्र के माध्यम से दरोगा ने अपने और खाकी पर उछाले गए कीचड़ का सही जवाब जनता और यूपी पुलिस में तैनात सभी पुलिसकर्मियों तक पहुंचाने की बता कही है। साथ ही मामले के सही दोषियों को जनता के समक्ष लाया जा सके।

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