अखाड़ा तैयार, पहलवान कन्फ्यूज

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विधानसभा चुनाव 2022

कानपुर में 20 फरवरी को होगा मतदान, विधायक भी तलाश रहे सुरक्षित सीट

सभी दल तैयारियों में जुटे, टिकट के दावेदार भी सक्रिय

विवेक वाजपेयी निशंक न्यूज

कानपुर। विधानसभा चुनाव के तिथियां घोषित होने के साथ ही मैदान मारने के लिए सभी दलों ने ताकत झोंक दी है। चुनाव आयोग ने तो अखाड़ा तैयार कर दिया जिसमें 20 फरवरी को निर्णायक मुकाबला होना है। अखाड़े में कूदने के लिए पहलवान (प्रत्याशी) भी तैयार हो गए हैं, लेकिन कानपुर महानगर के राजनैतिक हालातों की चर्चा की जाए तो पिछली बार के कई विजेता पहलवान भी इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि वह किस विधानसभा क्षेत्र से और किस दल से चुनाव लड़ें। अपनी जीत को दोहराने के लिए कई विधायक भी सुरक्षित ठिकाना तलाशने के लिए लखनऊ दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं। nishanknews.com

कांग्रेस ने बराबर रखा था हिसाब

कानपुर महानगर में कई प्रमुख विधानसभा क्षेत्र आते हैं फिलहाल यहां की आर्यनगर छावनी तथा कैंट विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर अधिकांश पर सत्ताधारी दल भाजपा का ही कब्जा है। आर्यनगर तथा सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं जबकि छावनी विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के कब्जे में है। इसके पूर्व में 2012 के चुनाव में कांग्रेस के पास किदवईनगर विधानसभा सीट थी। यहां के विधायक अजय कपूर को हराकर कई चुनाव के बाद भाजपा के महेश त्रिवेदी ने भाजपा को इस विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर जीत दिलाई थी। कांग्रेस किदवई नगर सीट पर तो हारी लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी सुहैल अंसारी ने कैंट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के तत्कालीन विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया को पराजित कर यह सीट कांग्रेस के खाते में डालकर भाजपा से चुनावी हिसाब बराबर कर लिया था। नतीजा कानपुर में पहले भी कांग्रेस का एक ही विधायक था और 2017 के चुनाव में भी एक ही विधायक रहा। nishanknews.com

सपा भी रही थी बराबर पर

कानपुर की सीटों पर चर्चा की जाए तो 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के बाद सीसामऊ तथा कल्याणपुर सीटें कब्जे में थीं तब सीसामऊ क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी न लगातार दूसरी जीत दर्ज कर अपना कब्जा बरकरार रखा था, लेकिन कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा के विधायक सतीश निगम चुनाव हार गए थे। सपा विधायक सतीश निगम को यहां से भाजपा उम्मीदवार नीलिमा कटियार ने पराजित कर कल्याणपुर की सीट एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के खाते में डाली जिससे कई बार से भाजपा की कद्दावर नेता व नीलिमा कटियार की मां प्रेमलता कटियार चुनी जा रही थीं। 2012 के चुनाव में सपा के सतीश निगम ने श्रीमती कटियार को हराकर इस सीट पर सपा का परचम फहराया था, लेकिन 2017 के चुनाव में नीलिमा कटियार ने सतीश निगम को पराजित कर अपनी मां की पराजय का बदला भी लिया और सपा से भाजपा की यह परम्परागत सीट पुनः भाजपा को दिला दी। प्रदेश सरकार में नीलिमा कटियार को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई। nishanknews.com

कल्याणपुर सीट तो 2017 केचुनाव में भाजपा ने सपा को पराजित कर अपने कब्जे में ले ली लेकिन सपा ने इस विधानसभा चुनाव में कानपुर शहर की सीटों में 2 पर अपना कब्जा 2012 की तरह ही बनाए रखा। अंतर सिर्फ यह हुआ कि जहां सपा कल्याणपुर सीट हारी वहीं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अमिताभ वाजपेयी ने आर्यनगर सीट से भाजपा के विधायक सलिल विश्नोई को पराजित कर इस सीट पर सपा का परचम फहरा कर भाजपा से हिसाब-किताब बराबर कर लिया। nishanknews.com

सुरक्षित सीट की तलाश में कई प्रमुख नेता व विधायक

कानपुर नगर की सीटों में इस बार कई विधायक भी अपनी सीट को सुरक्षित न मानकर सुरक्षित दल अथवा सुरक्षित सीट की तलाश में हाथपैर मार रहे हैं। कोई अपनी सीट बदलवाना चाहता है तो कोई अपना दल बदलकर यह सुनिश्चित करने क् प्रयास में है कि वह एक बार फिर विधानसभा में पहुंच सके। निशंक न्यूज कानपुर की इन सभी सीटों पर नजर रखे है। सोमवार से आपको अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के दावेदारों, विधायकों व शहर के प्रमुख कद्दावर नेताओं की जानकारी आप तक पहुंचाएगा कि एक बार फिर विधानसभा जाने के लिए कौन कहां हाथपैर मार रहा है। nishanknews.com