अतुल त्रिवेदी
उन्नाव रेप कांड में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश को स्थगित कर दिया जिसमें भाजपा विधायक को हुई उम्र कैद की सजा को निलंबित क दिया था। इसके साथ ही भाजपा विधायक को रिहा करने के भी आदेश दिये गये थे। कुलदीप सेंगर की सजा के निलंबिन के खिलाफ तमाम संगठनों ने आंदोलन की राह पकड़ ली थी। सोमवार को इस मामले में सुनवाई के बाद भाजपा विधायक की उम्र कैद की सजा के निलंबन के आदेश पर रोक लगा दी साथ ही इस मामले में पिछले दिनों हाईकोर्ट द्वारा दिये गये आदेश को स्थगित कर दिया।

फिलहाल जेल में ही रहेंगे भाजपा के पूर्व विधायक
हाई कोर्ट द्वारा भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को दी गई उम्र कैद की सजा को निलंबित करने तथा उनकी रिहाई के आदेश देने के बाद से कुलदीप सेंगर के समर्थक उत्साहित थे कि अब जल्द ही कुलदीप जेल से बाहर आ जाएंगे लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पहले दुष्कर्म पीड़िता द्वारा आंदोलन करने और उनके समर्थन में दिल्ली में कई संगठनों द्वारा प्रदर्शन करने के बाद से कुलदीप समर्थकों में निराशा दौड़ने लगी थी। इस बीच इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई जिसकी सोमवार को सुनवाई होनी थी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैंसले के बाद अब कुलदीप सिंह सेंगर के फिलहाल जेल से बाहर आने की संभावना लगभग समाप्त हो गई हैं।
सजा निलंबन व जमानत देने के फैंसले पर लगी रोक
उन्नाव रेप केस में दोषी करार दिए जा चुके पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित करने और जमानत देने के फैसले पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए साफ संकेत दिया कि इस मामले में न्यायिक संतुलन और कानून की समानता बेहद महत्वपूर्ण है,दिल्ली हाईकोर्ट ने इससे पहले उन्नाव रेप केस में सेंगर की सजा निलंबित कर उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।
फैसला देने वाले जज अच्छे लेकिन किसी से भी हो सकती है गलती
इस फैसले के बाद देशभर में तीव्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिले और पीड़िता पक्ष व सामाजिक संगठनों ने इसे न्याय के साथ समझौता बताया था,,सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा हाईकोर्ट के जिस जज ने यह फैसला दिया, वह बेहद सक्षम और अच्छे जज हैं, लेकिन गलती किसी से भी हो सकती है।” मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि अगर पॉक्सो कानून के तहत एक कॉन्स्टेबल को लोक सेवक माना जा सकता है, तो विधायक को इससे अलग क्यों रखा जाए? यह गंभीर चिंता का विषय है।”सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को कानून के सामने समानता और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है।
अगली सुनवाई में होगी विस्तार से समीक्षा
अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई पर तत्काल रोक लग गई है, और वह फिलहाल जेल में ही रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट विस्तार से यह तय करेगा कि हाईकोर्ट का आदेश कानून की कसौटी पर कितना सही था। यह फैसला न सिर्फ उन्नाव रेप केस में, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता और जनभावनाओं के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
