निशंक न्यूज।
गंगा बैराज पर दरोगा व सिपाही को टक्कर मारकर भागे युवक बीटेक के छात्र निकले। यह हैं तो बीटेक के छात्र लेकिन शातिर दिमाग भी हैं। कार चित्रकूट में रहने वाले एक बीटेक छात्र के पिता के नाम पंजीकृत है। यह छात्र इतने शातिर हैं कि इन लोगों ने गंगा बैराज के पास दरोगा व पुलिस कर्मी के टक्कर मारी और घर पर सूचना दे दी उनकी कार एक सांड़ से टकरा गई है। यही नहीं तय शर्तों का हवाला देकर एक क्रेन से उठवाकर कार को मरम्मत के लिये शोरूम में भी भिजवा दिया। सर्विलांस के सहारे इन शातिर दिमाग युवकों तक पहुंची पुलिस ने शोरूम से कार बरामद कर कार चलाने वाले तथा अगली सीट पर बैठे छात्रों के गिरफ्तार कर चुनौती बनी इस घटना का खुलासा करने में सफलता हासिल कर ली।
यूपीआई से किया शराब का भुगतान और पकड़े गए
बताते चलें कि मंगलवार की शाम गंगा बैराज पर उन्नाव की तरफ से आई तेज रफ्तार कार ने तीन पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर घायल कर दिया था। दरोगा को टक्कर मारने के बाद काले रंग की हुंडई औरा कार चलाने वाले बिठूर की ओर भाग निकले थे। हादसे के दो घंटे बाद कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी। सूचना में देरी के कारण पुलिस उस समय घेराबंदी कर इन कार चालकों को पकड़ नहीं सकी थी। इस चुनौतीपूर्ण घटना का खुलासा करने के लिये ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आशुतोष कुमार ने कमान संभाली और डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के साथ रणनीति बनाकर दरोगा को टक्कर मारने वाले कार सवारों तक पहुंचने की दिशा में काम शुरू किया। पुलिस ने कानपुर तथा उन्नाव की तरफ कई किलोमीटर तक कई प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक शराब ठेके के बाहर बगैर नंबर प्लेट वाली काली हुंडई औरा कार देखी गई। इसपर पुलिस ने यहीं पर अपनी जांच केंद्रित की। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि मंगलवार की शाम चार-पांच युवक शराब खरीदने आए थे। इन लोगों ने शराब के पैसों का भुगतान यूपीआई से किया गया था। यह जानकारी पुलिस के लिए वरदान सावित हुई और सर्विलांस टीम ने शराब ठेके से यूपीआई आईडी हासिल करने के मोबाइल नंबर प्राप्त कर लिया।
कार में नशेबाजी करने वाले युवक हैं बीटेक के छात्र
शुक्रवार को ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आशुतोष कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि, जिस यूपीआई आईडी से भुगतान किया गया था, वह बिधनू के चंपतपुर निवासी बीटेक फाइनल इयर के छात्र अभिजीत चतुर्वेदी (22) का था। मोबाइल की सीडीआर और सर्विलांस के जरिए पुलिस ने अभिजीत को गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि, हादसे वाले दिन बीटेक का सहपाठी श्यामसुंदर (23) चला रहा था, जोकि मथुरा के महावन थानाक्षेत्र के तालगढ़ी सौकखेड़ा का निवासी है। कार में बीटेक छात्र और चित्रकूट निवासी हिमांशु मिश्रा और बिहार का प्रशांत भी मौजूद था। जिस कार से दुर्घटना हुई वह हिमांशु के पिता विष्णुदत्त मिश्रा के नाम पर पंजीकृत है। प्रशांत मूलरूप से बिहार का रहने वाला है और कल्याणपुर में मामा के घर रहकर पढ़ाई करता है।
घर वालों से बताया सांड़ से टकरा गई कार
पकड़े गये युवकों से पूछतांछ में पुलिस को पता चला कि हादसे के बाद उन लोगों ने फोन बंद कर लिये। हिमांशु ने कार स्वामी अपने पिता को बताया कि उनकी कार एक सांड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। वर्तमान में घना कोहरा पड़ने के कारण घर वालों ने हिमांशु की बात पर भरोसा कर लिया और कार प्रदाता कंपनी की शर्तों के अनुसार कार को एक क्रेन से उठवाकर मरम्मत के लिये कंपनी के बाहर खड़ा करा दिया।
शनिवार को है परीक्षा
पूछताछ के दौरान अभिजीत चतुर्वेदी और श्यामसुंदर ने बताया कि घटना वाले दिन वह कार में आगे बैठकर सेल्फी लेने में जुटा था, जबकि श्यामसुंदर ड्राइविंग कर रहा था। सेल्फी के दौरान कैमरे की ओर देखने के चक्कर में कार अनियंत्रित होने से हादसा हुआ था। पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने का कोई इरादा नहीं था। हादसे वाले दिन कार पर सवार सभी छात्रों की शनिवार को सेमेटर परीक्षा है।
