निशंक न्यूज
फर्जी कागजात के आधार पर विधि की डिग्री करने के आरोपी अधिवक्ता आशीष शुक्ला उर्फ आशू को आखिरकार एसटीएफ की लखनऊ विंग ने नैनीताल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो सर्विलांस के जरिए सटीक सूचना पर आशू की गिरफ्तारी हुई है।
नैनीताल में सूनसान इलाके से पकड़ा गया
पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो पिछले दिनों फर्जी अभिलेख के आधार पर लॉ की डिग्री के मामले में आरोपी बनाए गए नवाबगंज कानपुर निवासी आशीष शुक्ला उर्फ आशू के खिलाफ पिछले दिनों अदालत से वारंट जारी हुआ था जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। सर्विलांस से लोकेशन मिलने पर एसटीएफ की लखनऊ विंग ने आशीष शुक्ला को बुधवार को नैनीताल से गिरफ्तार किया। बताया गया है कि जिस समय पुलिस ने नैनीताल के सुनसान इलाके से आशीष को हिरासत में लिया तो उसने सादी वर्दी में मौजूद पुलिस कर्मियों की गाड़ी में बैठने का विरोध किया। इस बीच किसी ने इस धक्कामुक्की का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

निशंक न्यूज सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियों की पुष्टि नहीं करता है लेकिन इस वीडियो में दिख रहा है कि सादी वर्दी में कुछ पुलिस कर्मी आशू को गिरफ्तार करने के बाद काली स्कार्पियो में बैठाने का प्रयास किया लेकिन उसने इसका विरोध करते हुए धक्कामुक्की की लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसे धक्का देकर गाड़ी के भीतर बैठा लिया।
आशीष के खिलाफ चल रहा गैर जमानती वारंट
पुलिस सूत्रों के अनुसार आशीष शुक्ला पर आरोप है कि, उन्होंने फर्जी कागजात के जरिए कानून की पढ़ाई के लिए एडमिशन लिया था। इसके बाद वकालत की डिग्री लेकर अधिवक्ता बन गया है। आशीष के खिलाफ बॉर एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह ने कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। अरिदमन सिंह वर्तमान में जेल में निरुध है। बताया गया है कि इस मुकदमें में आशीष शुक्ला को अग्रिम जमानत मिल गई थी। अदालत ने शर्त लगाई थी कि, विवेचक के मांगने पर आशीष अपने मूल शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराएगा, लेकिन ऐसा नहीं होने की स्थिति में अदालत ने 18 नवंबर को अग्रिम जमानत निरस्त करते हुए एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया था।
