मंण्डलायुक्त डाक्टर राजशेखर ने बरसते पानी में प्रधानमंत्री स्मार्ट सिटी योजना के तहत हो रहे कार्यों का किया निरीक्षण

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प्रधानमंत्री जी की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘‘स्मार्ट सिटी योजना’’ के अन्तर्गत कानपुर नगर में विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। स्मार्ट रोड का प्रथम चारण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

स्मार्ट रोड के द्वितीय चरण हेतु सड़कों के चयन हेतु आज विभिन्न सड़कों का निरीक्षण किया गया। स्मार्ट रोड के निर्माण में निम्न विशिष्टियां होनी चाहिये

निर्बाध यातायात के लिए सड़क एवं चौराहों की जिओ मैट्रिक डिजाइन करते हुए सुदृढ़ीकरण ।
समरूपता रखते हुए फुटपाथ के सभी अवरोधों को हटाते/शिफ्ट करते हुए निर्बाध एवं सुगम आवागमन हेतु निर्माण।
भूमिगत सेवाओं हेतु यूटिलिटी डक्ट का निर्माण।
फुटपाथ का सुन्दरीकरण एवं लैण्ड स्केपिंग का कार्य।
स्मार्ट स्ट्रीट फर्नीचर एवं जन सुविधायें (साइनेज, लेन मार्किंग, बस स्टॉप, पार्किंग, ग्रीन टॉयलेट, टैªफिक पोलिस बूथ) की उपलब्धता। स्मार्ट स्ट्रीट लाइट।

स्मार्ट रोड के निर्माण में विभिन्न भूमिगत एवं भूमितल पर उपलब्ध सेवाओं की शिफ्टिंग/भूमिगत किए जाने हेतु सभी संबंधित विभाग लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 जल निगम, जलकल, केस्को एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ ABD क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण सड़कों का निरीक्षण किया गया और नीचे दिए गए ३ सदक़ों को शॉर्टलिस्ट (सूचीबद्ध) किया गया है:
चुन्नीगंज चौराहे से मैकराबर्ट गंज होते हुए कम्पनी बाग चौराहे तक।परेड चौराहे से एम0जी0 कालेज होते हुए ग्रीन पार्क चौराहे तक एवं नवीन मार्केट के पीछे लैण्डमार्क होटल से इस रोड को जोड़ने वाली सड़क।मर्चेण्ट चेम्बर तिराहे से हनीमैन तिराहा होते हुए लाल इमली चौराहे तक की सड़क ।

सभी संबंधित विभागों को ये निर्दोश दिये गये कि उपरोक्त सड़कों पर आने वाली भूमिगत सेवाओं का विवरण एवं इस पर आने वाले व्यय का विवरण एक सप्ताह में तैयार करते हुए अवगत करायें।

यह भी निर्देश दिए गए की नवीन तकनीकी उपयोग करते हुए कम खर्चे पर बेहतर काम करने और एक बार सड़क बन जाने पर उसका बेहतर रख रखाव हेतु अतिरिक्त आय के श्रोत जैसे एलईडी के माध्यम से विज्ञापन , सीएसआर के फंड से मेंट्नेन्स आदि कार्य पर भी अभी से विचार कर कार्य योजना में शामिल करे।
यह भी निर्देशित किया गया कि उपरोक्त सड़कों के निर्माण हेतु मैट्रो, सी0यू0जी0एल0 एवं विभिन्न टेलीकॉम आपरेटर के साथ एक सप्ताह में समन्वयक बैठक करते हुए विवरण तैयार कर लिया जाये। और 31 तारीख़ तक मंडलायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि उपरोक्त में सभी बिंदुओं पर उचित पाए गए सड़कों को अंतिम रूप से चयन किया जा सके।
उपरोक्त कार्य के लिए स्मार्ट सिटी द्वारा ₹ 45 करोड़ धनराशि आरक्षित किया गया है।