निशंक न्यूज
कानपुर के गुजैनी थानाक्षेत्र में चार दिन पहले जिस युवक का नहर किनारे शव मिला था वह एक फैक्ट्री में काम करता था। उसे जमीन के मुआवजे में मिले साठ लाख रुपये में बीस लाख रुपए उसके पिता ने दिये थे। यह रकम हड़पने के लिेये फैक्ट्री में उसके साथ काम करने वालों ने ही उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा कर हत्या में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। युवक के परिजनों ने जिन लोगों को हत्या में नामजद कराया था उनके संबंध में जांच की जा रही है।
केसर फैक्ट्री में काम करता था
बताते चलें कि तीन दिसंबर की सुबह गुजैनी थानाक्षेत्र में नहर के किनारे एक युवक का शव मिला था। इसकी जानकारी मिलते ही डीसीपी दीपेंद्र चौधरी तथा अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। अज्ञात शव मिलने के कारण पुलिस के सामने इसकी पहचान करना मुश्किल था। डीसीपी द्वारा बताए गए तरीके पर काम कर पुलिस ने मरने वाले की पहचान साढ़ थाना क्षेत्र के कस्बा में रहने वाले विपिन तिवारी के रूप में की। इसके बाद सूचना मिलने पर पहुंचे विपिन के घर वालों ने पहचान करने के बाद विपिन की ननिहाल पक्ष के दो लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस गहराई से जांच करती रही ताकि कोई निर्दोष जेल न जा सके।
सर्विलांस से मिली मदद
पुलिस की गहरी पड़ताल में सामने आया कि विपिन तिवारी को आखिरी फोन उसके साथ केसर फैक्ट्री में काम करने वाले अरविंद चंदेल ने की थी। इसके बाद गुजैनी थाना प्रभारी ने अरविंद पर अपनी जांच केंद्रित की तो कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा कर लिया। जांच में सामने आया कि ननिहाल से मिली एक जमीन डिफेंस कारीडोर में आने के कारण निपिन के पिता को साठ लाख रुपये का मुआवजा मिला था इसमें बीस लाख रुपये पिता ने विपिन को दे दिये थे इस रकम को हड़पने के लालच में ही उसके साथियों ने विपिन की हत्या की थी।
