Aligarhः एसएसपी के तेवर से कांपे शराबियों के हांथ

ओपी पांडेय

सड़क पर खुले आम शराब पीने वाले अक्सर विवाद तथा किसी बड़ी घटना का कारण बन जाते हैं। सड़क पर शराब पीने से इस रास्ते से निकलने वाली महिलाओं तथा आम लोगों को तो दिक्कत होती ही है। रास्ते में शराबियों की बाइक तथा चार पहिया वाहन खाड़े होने से यातायात भी प्रभावित होता है। पियक्कड़ों के ऐसे ही एक अड्डे पर अचानक जिले के कप्तान की नजर पड़ी तो वह अवाक रह गये कि इस तरह खुलेआम सड़क पर शराब पी जा रही है ऐसे में रास्ते से निकलने वाले बाल मन पर तो बहुत विपरीत असर पड़ेगा। अब कप्तान की नजर टेढ़ी हुई तो जिले में घूम-घूम कर पीने वालों के हाथ कांपन लगे। पुलिस की इस कार्रवाई से आम लोगों के साथ ही महिलाओं व सामान्य राहगीरों को राहत मिली है।

थाने के पास सड़क पर पी जाती थी शराब

जानकार पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो एक दिल जिले के कप्तान नीरज कुमार जादौन अपने बच्चे को दिखाने के लिये किसी डाक्टर के पास जा रहे थे। उनकी नजर तहसील चौराहे के पास एक शराब ठेकें पर पड़ी। यहां नियम विरुध तरीके से शराब पिलाई जा रही थी। इस ठेके पर ही नहीं। शराब ठेकेदार के प्रभाव के चलते चौराहे के आसपास कई दुकानों के बाहर खड़े होकर कई लोग खुलेआम शराब पी रहे थे। वह सामने ठेके से शराब लेते फिर दुकान से नमकीन व गिलास पानी लेकर यहीं खुलेआम शराब पीन लगते। शराब पीने वालों की बाइक तथा अन्य वाहन भी सड़क पर खड़े थे जिससे यातायात बाधित हो रहा था।

बालमन की कल्पना कर भावुक हुए कप्तान

बताया गया है कि पुत्र को लेकर अस्पताल जा रहा एसएसपी नीरज कुमार रास्ते पर यह सोंचते गए कि इस मुख्य मार्ग से निकलने वाले बच्चे जब लोगों को खुलेआम शराब पीते देखते होंगे तो उनके बाल मन पर क्या असर पड़ता होगा अगर इसे रोका न गया तो किशोरावस्था तक आते-आते कई बच्चे ऐसे शराबियों को ही अफना हीरो मानन लगेंगे और वह भी ऐसा करने का प्रयास कर सकते हैं। वैसे से शराबियों के जमघट के कारण सड़क पर जाम लगने की समस्या वह सामने ही देख चुके थे। वैसे भी इस बात की शिकायत पहले से ही मिल रही थी कि सड़क पर मयखाना बनाने वाले युवक रास्ते से निकलने वाली मातृशक्ति के साथ छीटाकशी करते हैं। ऐसे में कप्तान ने जिम्मेदारों की सांठगांठ तथा पुलिस पर दबाव बनाकर खुले आम चल रहे शराब पिलाने के खेल को खत्म कराने की ठाम ली।

स्वयं पहुंच गए गिलास-पानी लेने

पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो बेटे को डाक्टर के यहां दिखाने के बाद लौट रहे एसएसपी नीरज कुमार जादौन रास्ते में गाड़ी रुकवाकर स्वयं गाड़ी से उतर गए और बेटे को घर भेज दिया। इसके बाद सादी वर्दी में कुछ देर तक वह तमाशा देखते रहे इसके बाद स्वयं ही एक दुकान पर शराब पीने के अंदाज में पानी व गिलास लेने पहुंच गये। दुकानदार ने भी अपने एसएसपी को सामान्य नशेड़ी मानकर साफ बता दिया कि यहां तो कई सरकार कर्मचारी तथा पुलिस वाले भी शराब पीने आते हैं। सब सेट है आप भी यहीं शराब पी सकते हैं। सारी बात सामने आने के बाद वह एक नशेड़ी का आधा क्वाटर उठाकर ठेकें तक गए। ठेकें पर शराब बेंचने वाले ने भी एसएसपी को सामान्य पियक्कड़ समझकर खुले आम शराब पीने के खेल की जानकारी उन्हें दे दी इसके बाद कप्तान ने अपना परिचय देने के बाद एसपी को मौके पर बुलाया तो यहां हड़कंप मच गया। खुलेआम शराब पीने वाले नशेड़ियों के हाथ कांप गए कुछ भागे तो कुछ पकड़े गये।

लगातार चल रहा अभियान नशेड़ी परेशान

बताया गया है कि पुलिस कप्तान द्वारा एक दिन ही खुलेआम शराब पीने व शराब पिलाने वालों के खिलाफ तेबर दिखाने के बाद से पूरे जनपद में ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है जिससे खुलेआम शराब पीने वालों के हाथ कांप रहे हैं और शराब के ठेके भी सरकार द्वारा तय समय पर बंद होने लगे हैं। ठेकेदारों ने कुछ नेताओं के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया तो यह भी काम न आया।

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