2022 विधानसभा चुनाव: किस दिशा में जा रही कानपुर की राजनीति, जाने जनता के मन की बात

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निशंक न्यूज़ 

रिपोर्टर-अमृतांश बाजपेई 

कैमरा पर्सन – शुभम कुमार 

कानपुर | पिछली बार हुए चुनाव के बाद यह तो साफ़ हो गया था कि उत्तर प्रदेश में राजनीति की दशा और दिशा दोनों में ही बदलाव होगा|  पिछली बार भाजपा की एक तरफ़ा जीत के बाद जाहिर है की इस बार सभी राजनैतिक दल पूरी सतर्कता और तैयारी के साथ चुनावी रण में उतरेंगे|  अगले वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यूपी के विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एक ओर योगी सरकार की परीक्षा माना जा रहा है वही दूसरी ओर विपक्षी दलों ने कमर कास ली है और पूरी ताकत झोकना शुरू कर दी है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे ही रोज नए सियासी समीकरण बन-बिगड़ रहे हैं। इसी कड़ी में कानपुर की राजनीति किस दिशा में जा रही है, चुनाव से पहले किसका पलड़ा भारी है|  इन सब सवालों का जवाब जाने निशंक न्यूज़( nishanknews.com)की टीम ने की जनता से खास बात-चीत| 

यूपी में किसकी सरकार बनेगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। पर कानपुर शहर की बात की जाये तो यहाँ विधानसभा चुनाव से पहले निशंक न्यूज़( nishanknews.com) के विशेष कार्यक्रम जनता का मूड यह बताने में मददगार होगा कि कानपुर में किसकी हवा चल रही है और लोगों को अपना जनप्रतिनिधि कैसा चाहिए| । 

आपको दें कि कानपुर की जनता किस और रुख करेगी और जनता के मन की बात जानने के उद्देश्य से निशंक न्यूज़ की टीम ने जगह-जगह पहुंचकर लोगों से उनकी राय लेना शुरू कर दी है| शिवालय बाजार में लोगों से आगामी चुनाव के बारे में बात चीत करने के बाद शुक्रवार को निशंक न्यूज़ की टीम ने सिविल लाइन्स स्थित हडर्ड स्कूल के पास लोगों से बात की और उनके विचार जाने| आनंदपुरी के रहने वाले तुषार गुप्ता कहते हैं कि उन्हें ऐसा जनप्रतिनिधि चाहिए जो शहर के लोगों की समस्या को ध्यान में रख कर उनका समाधान कर सके और शहर में हो रहे अपराध पर काबू पा सके| तुषार के अनुसार फिलहाल उत्तरप्रदेश में भाजपा का कार्यकाल बेहद ही सफल रहा है और इनके अनुसार इस चुनाव में भी भाजपा अपने द्वारा किये गए कार्यों के चलते कानपुर की जनता की पहली पसंद बन सकती है| 

वहीँ दूसरी ओर सौरभ बाजपेई कहते हैं कि उन्हें ऐसा जनप्रतिनिधि चाहिए जो कि सबसे पहले कानपुर को अतिक्रमण से मुक्त कराये और शहर को साफ़ सुथरा और सुन्दर बनाने में अपना पूरा योगदान दे| वहीँ मार्च के महीने में बच्चों की परीक्षाएं और चुनाव एक ही समय पर होने की बात को लेकर उन्होंने कहा कि कोरोना का ख़तरा अभी भी पूरी टला नहीं है ऐसे में या तो परीक्षायें चुनाव के पहले ही संपन्न करा दी जाये या फिर चुनाव और परीक्षा के बीच में इतने दिनों कका फर्क हो की प्रशासन को तयारी करने का अवसर मिल सके और कोरोना संक्रमण के खतरे को भी कम किया जा सके |