देश दुनिया और बॉलीवुड में मशहूर यहां की कारीगर तैयार कर रहे बिहार जी की पोशाक ..

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निशंक न्यूज़ / अमृतांश बाजपेई 

बालीवुड में भी है जरदोजी कारीगरी की गूँज 
-फर्रुखाबाद की जरदोजी कारीगिरी से सजेंगे बिहारी जी 
बालीवुड में भी है जरदोजी कारीगरी की गूँज 

फर्रुखाबाद का एक हुनर है जोकिं हम सभी के बीच खासतौर से महिलाओं और लड़कियों के बीच बेहद मशहूर है जिसे कहते हैं जरदोज़ी जिसमे कि यहाँ के कारीगर लेहंगे, साड़ी , सूट इत्यादि में सोने और चांदी के तारों से बेहद ही आकर्षक कढ़ाई करते हैं| शहर के कपड़ा कारखानों में छपने वाली शाल व दुप्पटे दशकों से देश और दुनिया म,इ छाए हुए हैं,यही नहीं यहाँ के लोगों के हुनर की गूँज बॉलीवुड तक भी सुनाई देती है| अब यहाँ की कारीगिरी की झलक मथुरा के बिहारी जी के यहाँ भी दिखेगी | 
 

फर्रुखाबाद शहर में चलने वाले जरदोजी कारखानों में इस बार बिहारी जी के लिए पोशाकें तैयार की जा रही है। दिल्ली के एक श्रद्धालु के आर्डर पर यहां के कारीगर पोशाक तैयार करने में जुटे हैं। फर्रुखाबाद शहर के चीनीग्रान मोहल्ले में स्थित अतीक अहमद ‘पप्पू’ के कारखाने में बिहारी जी के लिए खास पोशाकें तैयार की जा रही हैं। उन्हें दिल्ली के एक भक्त ने आर्डर दिया है। इसके लिए पूरी पोशाक की ड्रेस की नाप ली गई है। अतीक अहमद ने बताया कि बिहारी जी की पोशाक को तैयार करने में 45 मीटर से अधिक सिल्क का कपड़ा लगा है। इसे 11 हिस्सों में जरदोजी कारीगरी करने के बाद तैयार किया गया है। पोशाक को नक्सी, डबका, जरकन, सितारा, मोती, कटदाना, रेशम समेत जरदोजी में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों के जरिए आकर्षक बनाया गया है। काफी महीन काम होने के कारण एक पोशाक को तैयार करने में 10-12 कारीगर करीब एक महीने से मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां वर्ष भर जरदोजी का काम होता रहता है। यहां पर कई बड़े गुरुद्वारा के लिए चादरें तैयार की जाती है। अतीक अहमद ने बताया कि धार्मिक काम होने के कारण इन वस्त्रों को तैयार करने में कोई भी मुनाफा नहीं लिया जाता है। केवल लागत भर ही रुपये लिए जाते हैं। ऊपर वाले का ही आशीर्वाद है कि उन्हें अन्य वस्त्रों में अच्छा मुनाफा मिल जाता है।