कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी को लेकर हुई बैठक

0
24

तीसरी लहर को लेकर आईआईटी कानपुर की स्टडी

ढिलाई बरतने पर अगस्त तक आ सकती है तीसरी लहर

अक्टूबर तक पीक पर पहुंचने की संभावना

वेद गुप्ता

निशंक न्यूज/कानपुर। कानपुर में कोरोना की दूसरी लहर लगभग थम चुकी है। दूसरी लहर में हुई मौतों के बाद से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई थी। अब कोविड की तीसरी लहर आने की पूरी आशंका को लेकर आईआईटी कानपुर की स्टडी के बाद प्रशासन ने अपनी तैयारियों को लेकर एक बैठक की। मंगलवार को बैठक कर आने वाली तीसरी लहर के लिए और क्या तैयारियों होनी बाकी है उस पर मंथन किया। बैठक में मंडलायुक्त, डीएम, सीएमओ व शहर के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मंगलवार को हुई बैठक में यह तय हुआ है कि तीसरी लहर को लेकर शहर के सभी सरकारी अस्पतालों के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों में बने सीएचसी और पीएचसी को निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही उन सामुदायिक व्यवस्था केन्द्रों को भी खोला जाएगा जिनको दूसरी लहर में नहीं खोला जा चुका था। इसके अलावा शहर में बने ऑक्सीजन प्लांट का भी होगा दोबारा निरीक्षण।

आईआईटी प्रोफेसर राजेश रंजन के मॉडल के अनुसार दूसरी लहर की महामारी के मापदंडों को लेकर रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें तीन महत्वपूर्ण बातें निकलकर सामने आई हैं। प्रोफेसर राजेश कहते हैं कि ऐसा माना जा रहा है कि 15 जुलाई तक पूरा देश अनलॉक हो जाएगा। यह वैसी ही स्थिति होगी जैसी कि इस साल जनवरी में थी।

जनवरी में सभी कुछ अनलॉक हो गया था, लेकिन यदि इस बार अनलॉक होने पर अगर हम सावधानी नहीं बरतते हैं, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं करते हैं और मास्क नहीं लगाते हैं तो कोरोना की तीसरी लहर का पीक अक्टूबर तक आ सकता है। यानी कि सितंबर से स्थितियां खराब होने शुरू हो जाएंगी और अक्टूबर तक इसकी भयावहता काफी होगी। साथ ही अगर लोगों ने इसमें ढिलाई बरती तो अगस्त तक यह लहर एक बार फिर से हमला कर सकती है।

दूसरी लहर शहर में हुई ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए प्रशासन ने तीन बड़े अस्पतालों में हैलट, उर्सला और कांशीराम ट्रामा सेंटर में ऑक्सीजन जनरेटर लगाने का फैसला किया था। ऑक्सीजन प्लांट लगने के बाद इन अस्पतालों से ऑक्सीजन की किल्लत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। इसके अलावा शहर में तीन और जगहों पर भी लगेगा प्लांट। इन जगहों पर लगे प्लांट्स का भी दौरा जल्द किया जाएगा। नगर के सीएमओ भी रख रहे है पूरी नजर। इसके अलावा शहर में बने अन्य सरकारी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगवाए गए है उनका भी निरीक्षण करने के लिए अलग०ऴ्ग़ विभागों के लोगों को बोला गया है।

शहर एक फेमस डॉक्टर और एक बड़े नर्सिंग होम के मालिक ने बताया कि प्रशासन की तरफ से शहर के ज्यादातर नर्सिंग होम को तीसरी वेव के लिए तैयार रहने के लिए कहा हैं। प्रशासन का कहना है कि जिस तरह से दूसरी लहर में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वैसा तीसरी लहर में नहीं होना चाहिए। एडमिनिस्ट्रेशन ने यह भी कहा था कि जिन नर्सिंग होम को अपना ऑक्सीजन प्लांट सेटअप करना हो वो अपना आवेदन भेज सकते है।