पिज्जा-बर्गर की होम डिलीवरी हो सकती है तो राशन की क्यों नहीं?- अरविंद केजरीवाल

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निशंक न्यूज

नई दिल्ली। दिल्ली के घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर रोक लगाए जाने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हम गरीबों को घर घर राशन पहुंचाना चाहते थे लेकिन इस योजना पर रोक लगा दी गई। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से सवाल किया, ‘जब पिज्जा-बर्गर की होम डिलीवरी हो सकती है तो राशन की डिलीवरी घर-घर क्यों नहीं’। उन्होंने कहा कि दिल्ली में राशन माफिया बहुत ताकतवर हैं। उनकी पहुंच बहुत ऊपर तक है। राशन माफियाओं के सामने हमने हिम्मत जुटाई। हम पर सात बार हमले हुए। मेरी एक बहन के गले पर हमला किया गया। घर घर राशन योजना को माफियाओं ने निरस्त करा दी है। 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगले हफ्ते से घर-घर राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था। सारी तैयारी हो गई थी और अचानक केंद्र ने 2 दिन पहले इसे क्यों रोक दिया? ये कह के इसे खारिज किया गया है कि हमने केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी नहीं ली। ये गलत है। हमने एक बार नहीं 5 बार मंजूरी ली है। कानूनन किसी मंजूरी की जरूरत नहीं है। राशन की होम डिलिवरी क्यों नहीं होनी चाहिए?।

केजरीवाल ने कहा कि देश भर के लोग पूछ रहे हैं कि स्कीम क्यों रोक दी है। केद्र ने कोर्ट में हमारी योजना के खिलाफ कोई आपत्ति नहीं की तो बाद में आपत्ति कैसे हो गई। हम गरीब लोगों को उनके घर पर राशन पहुंचाना चाहते थे तो केंद्र सरकार को आपत्ति क्यों हो गई।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले केंद्र की तरफ से कहा गया कि स्कीम से मुख्यमंत्री का नाम हटा दीजिए। हमने नाम हटा दिया। हमसे कहा गया कि केजरीवाल स्कीम के माध्यम से लाभ लेना चाहते हैं, हमने नाम हटा दिया, फिर क्या परेशानी हो गई। केजरीवाल ने केद्र से सवाल पूछते हुए कहा कि आप सबसे क्यों लड़ रहे हैं। यह कोरोना का समय है। मगर आप ममता दीदी से लड़ रहे हैं। झारखंड से आप लड़ रहे हैं, महाराष्ट्र से आप लड़ रहे हैं, आप दिल्ली के लोगों से लड़ रहे हैं। लोग यह देखना नहीं चाहते हैं। लोग सभी को एकजुट होकर काम करना करते देखना चाहते हैं। केंद्र सरकार से निवेदन है कि आप हमारी स्कीम को अनुमति दे दीजिए।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 75 साल में आज तक कोई सरकार इसे खत्म नही कर पाई है। कानूनी तौर पर इस स्कीम को लागू करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सक्षम है। हम नही चाहते थे कि केंद्र से कोई झगड़ा हो, इसलिए मंजूरी भी ली। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इस योजना को हर हाल में लागू होना चाहिए। यह योजना हम किसी क्रेडिट के लिए नही कर रहे हैं। आप इसे लागू करें मैं खुद कहूंगा कि मोदी ने ये योजना लागू की है। ये वक्त एक दूसरे का हाथ पकड़ने का झगड़ने का नही है। ये योजना राष्ट्रहित में है। 70 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।