कोविड के मरीजों बेहतर सुविधा के लिए मंडलायुक्त ने दिये दिशा निर्देश

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वेद गुप्ता

निशंक न्यूज/कानपुर। आज कानपुर के मंडलायुक्त डॉ राजशेखर ने ने कोविड के मरीजों के लिए इलाज के लिए आने वाले समय के लिए बेड के साथ अन्य दवाई प्रबन्धन के लिए निरीक्षण किया।

कोविद 19 के बढ़ते मामलों के बीच, राज्य सरकार COVID Beds के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठा रही है और मरीजों के लिए सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित कर रही है।

कानपुर के स्थानीय प्रशासन COVID रोगियों के बिस्तर विस्तार और सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपलब्द कराने हेतु हर संभव प्रयास कर रहा है।

हाल ही में, जिला प्रशासन ने 16 निजी अस्पतालों को COVID अस्पतालों के रूप में सूचीबद्ध किया है। अब कानपुर में कुल 26 अस्पताल हैं जो 2625 की बेड क्षमता (757 ICU बेड और 1868 ऑक्सिजन युक्त आयसलेशन बेड) के साथ COVID का इलाज करते हैं।

लेकिन कोविद मामलों की बढ़ती संख्या और आईसीयू / एचडीयू बेड की अधिक आवश्यकता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने टर्न की आधार पर “400 से 800 बेड की मेक शिफ़्ट कोविद अस्पताल “ की नई योजना बनाई और प्रस्ताव शासन को भेजी है।

भविष्य में इसकी आवश्यकता होगी यदि अगले महीने भी इसी तीव्रता के साथ मामले बढ़ते हैं।

प्रस्ताव पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा गया है और एक फ़ॉलो अप के रूप में, कंपनी के साथ एक बैठक आयोजित की गई (दीपाली डिज़ाइन्स – एक दिल्ली आधारित कंपनी,) जिसने दिल्ली और पुणे और नागपुर प्रशासन और DRDO को समर्पित कोविद अस्पताल सहायता प्रदान की है।)

बैठक में डीएम, सीडीओ, नगर आयुकत, ईई पीडब्ल्यूडी, ईई KESCO और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में, ऑक्सीजन की आपूर्ति, आवश्यक दवाओं की आपूर्ति आदि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई और कंपनी को संबंधित फर्मों के साथ अग्रिम आवश्यक टाई अप करने के लिए निर्देशित किया गया।

बाद में कमिश्नर, नगर आयुक्तालय, सीडीओ, रेलवे अधिकारी श्री हिमांशु आईआरटीएस, ईई जल निगम, ईई केस्को, ईई पीडब्लूडी की टीम ने प्रस्तावित स्थल  “रेल्वे ग्राउंड” का निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्थलीय आवश्यकता के  सम्बंध में विस्तृत चर्चा किया।

जल निकासी, जल आपूर्ति, सीवेज, उचित प्रवेश और निकास मार्ग, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, पार्किंग क्षेत्र आदि जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को मूल्यांकन करने और इसे अगले 3 दिनों में विवरण प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया।

आवश्यक अध्ययन और योजनाएं और फिर प्रमुख आवश्यकताओं जैसे ऑक्सिजन सप्लाई. दवाओं की सप्लाई आदि की टाई अप करने के बाद, सरकार को भेजे गए प्रस्ताव का अनुमोदन और निष्पादन के लिए जिला प्रशासन द्वारा फ़ॉलो आप किया जाएगा और आवश्यक अग्रिम तैय्यारी किया जाएगा ।