घाटमपुर के दो गांवों में दो घंटे रुका मतदान, फर्जी वोटिंग को लेकर भीड़े दो पक्ष

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वेद गुप्ता

निशंक न्यूज/कानपुर जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए गुरुवार को 1994 बूथों पर सुबह सात बजे से सभी ब्लॉक क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में बनाए बूथों पर मतदान शुरू हो गया है। सुबह-सुबह बूथों पर मतदाताओं की कतार लग गई है। कोविड नियमों का पालन कराया जा रहा है। सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। मतदान शाम छह बजे तक मतदान होगा। जो मतदाता छह बजे के पहले कतार में लग जाएंगे उन्हें वोट डालने का मौका छह बजे के बाद भी मिलेगा। चुनाव मैदान में 9711 उम्मीदवार में हैं, जिनका भविष्य 12,53,056 मतदाताओं को तय करना है।

घाटमपुर में गुजेला गांव में निर्वतमान प्रधान के समर्थक अौर प्रत्याशी के समर्थकों के बीच हाथापाई हो गई। दोनों पक्ष एक दूसरे पर फर्जी वोटिंग कराने और महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगाया है। इससे गांव में तनाव का माहौल बन गया है। एक पक्ष ने एसडीएम को लिखित शिकायत दी है। गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।

बिल्हौर के दो गांवों में दो घंटे तक मतदान बाधित रहा। हलपुरा गांव में बीडीसी प्रत्याशी का मतपत्र में चुनाव निशान नहीं होने पर वोटिंग रुकवा दी। इसी वजह से शेषपुर धर्मशाला में भी मतदान रुका रहा। करीब दो घंटे बाद जब दूसरे मतपत्र अफसरों ने मतदान केंद्र पर पहुंचाए तब वोटिंग शुरू हो सकी।

जिले में नौ बजे के बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ ली है। नौ बजे के बाद दो घंटे में दस फीसद वोट बढ़े और 11 बजे तक 19.03 फीसद वोट पड़ गए। अबतक सर्वाधिक 21.75 फीसद मतदान बिल्हौर ब्लॉक क्षेत्र में हो चुका है, वहीं सबसे कम घाटमपुर में 14.59 फीसद वोटिंग हुई है। इसी तरह ककवन में 19.44, िशिवराजपुर में 20.08, चौबेपुर में 18.11, कल्याणपुर में 21.55, सरसौल में 19.86, बिधनू में 19.28, पतारा में 19.43, भीतरगांव में 16.08 फीसद वोटिंग हो चुकी है।

बिल्हौर क्षेत्र के खाड़ामऊ गांव में मतदाताओं ने सुबह हंगामा शुरू कर दिया। वोट डालने गए ग्रामीणों से मतपत्र पर मुहर लगवाने की जगह अंगूठा का लगवाया जा रहा था। इसकी जानकारी के बाद लोगों ने हंगामा कर दिया, जिसपर एसडीएम व सीओ ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया है।

आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में आरोपित हिस्ट्रीशीटर दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के गांव बिकरू में लोकतंत्र की बयार बह पड़ी हैं। यहां बूथों पर पहुंचकर मतदाता अपना वोट डाल रहे हैं। बिकरू में 9:30 बजे तक 22% मतदान हुआ है। इसी तरह भीटी गांव में भी 15 साल के बाद मतदाताओं को वोट डालने का अवसर मिला है।

जिले के सभी ब्लॉक क्षेत्रों में नौ बजे तक 8.48 फीसद वोटिंग हो चुकी है। दो घंटे के अंदर मतदान गति पकड़ चुका है और बूथों के बाहर मतदाताओं की कतार लगती जा रही है। महिलाओं और बुजुर्गों में भी खासा उत्साह नजर आ रहा है। सुबह नौ बजे तक शिवराजपुर और कल्याणपुर ब्लॉक क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। शिवराजपुर में 10.67 फीसत और कल्याणपुर में 10.55 फीसद वोटिंग हुई है।

गुरुवार सुबह सात बजे से पंचायत चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया। मतदाताओं में मतदान को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। कोरोना के मद्देनजर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाता भी पूरी तरह सजग नजर आ रहे हैं। युवा व बुजुर्ग सभी मास्क लगाकर ही मतदान करने आ रहे हैं। प्रत्याशियों के एजेंट भी मास्क व सैनिटाइजर के साथ मुस्तैदी से डटे हुए हैं। सरसौल के नागापुर मतदान केन्द्र में सुबह 6:30 बजे ही कई मतदाता वोटिंग के लिए पहुंच गए थे। नागापुर में 70 वर्षीय बुजुर्ग कुसुमा भी अपने बेटे लाखन के साथ साइकिल से वोट डालने पहुंच गई थीं।बेटे संग बूढ़ी अम्मा भी मास्क लगाए थीं।

सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ तो बड़े ही उत्साह के साथ  मतदाता बूथों पर पहुंचे और कतार में लग गए। हर किसी के चेहरे पर अपना प्रधान चुनने को लेकर उत्साह दिखा। कहीं कोई विवाद न हो इसलिए पुलिस भी मुस्तेद रही। जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार और पुलिस आयुक्त असीम अरुण भी बूथों का निरीक्षण करने निकले और सुरक्षा का अहसास कराया।

देर रात तक चलता रहा मान-मनौव्वल का सिलसिला: पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में खूब गहमागहमी दिख रही है। उम्मीदवारों ने घर-घर जाकर आशीर्वाद लिया। देर रात तक उम्मीदवार और उनके समर्थक रूठों को मनाने और अपनों को संभालने में लगे रहे। वे एक दूसरे पर नजर भी रखे रहे ताकि कोई विरोधी उम्मीदवार मतदाताओं को शराब, साड़ी, रुपया आदि का वितरण न कर सके। घर-घर मतदाता पर्चियां भी उम्मीदवारों ने पहुंचाईं ताकि जब कोई मतदाता वोट देने जाए तो उसे इंतजार न करना पड़े। ईश्वरीगंज, हृदयपुर, बरहट बांगर, चौबेपुर, बिल्हौर देहात, सरसौल, हाथीगांव, ख्वाजगीपुर, कमालपुर, बिधनू, उत्तरी, ककवन जैसे गांवों में तो देर रात तक उम्मीदवार रूठों को मनाते रहे। कुछ उम्मीदवारों ने रूठों को मनाने के लिए कसमें तक खाईं और जीतने के बाद समस्याएं खत्म करने का वादा किया। घर की महिलाएं भी महिला मतदाताओं को मनाने निकलीं। इन सबके बीच सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट भी गांवों में भ्रमण करते रहे और यह जानने का प्रयास किया कि कहीं चुनाव के दिन ङ्क्षहसा तो नहीं होगी। कोई मतदाताओं को डरा धमका तो नहीं रहा है। उन्होंने मतदाताओं से बात भी की। 109 सेक्टर में बांटे गए गांव: प्रशासन ने 590 ग्राम पंचायतों को 109 सेक्टर में विभाजित किया है। इसके साथ ही 21 जोन बनाए हैं।  सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों से कहा गया है कि वे पूरे दिन में एक बार भी मोबाइल बंद नहीं करेंगे। हर घंटे मतदान के आंकड़े कंट्रोल रूम को भेजेंगे और गांवों में भी जाकर देखेंगे कि कहीं किसी मतदाता को कोई रोक तो नहीं रहा है। मतदाताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उस पर त्वरित कार्रवाई भी करनी है।