प्रो. आरती लालचंदानी को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा से संबद्ध

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डॉ. आरबी कमल को बनाया गया जीएसवीएम का प्राचार्य

तब्लीगी जमात पर टिप्पणी से विवादों में घिर गईं थी

जितेन्द्र कुमार

कानपुर। बीते दिनों जीएसवीएम प्राचार्य प्रो. आरती लालचंदानी का एक वीडियो तेजी से वायरल हुए। वीडियो इतना वायरल हो गया कि प्रो. चंदानी कार्रवाई की जद में आ गयी। दरसल तब्लीगी जमात एवं समुदाय विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला वीडियो वायरल मामला इतना बढ़ गया कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. आरती लालचंदानी को हटना ही पड़ा। बीते एक सप्ताह से तबादले को लेकर चल रही रस्साकशी को बुधवार की देर रात विराम मिल गया। शासन से आए निर्देश के बाद प्रो. आरती लालचंदानी को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया और उनकी जगह डॉ. आरबी कमल को प्राचार्य नियुक्त किया गया है।

मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल के कोविड-19 हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में चार अप्रैल को तब्लीगी जमात सदस्यों के कोरोना पॉजिटिव आए सदस्यों को भर्ती कराया गया था। वार्ड में भर्ती होने के बाद जमात के सदस्यों पर डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ को सहयोग नहीं करने, दवाएं नहीं खाने और वार्डों में गंदगी फैलाने के भी आरोप लगे थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से दिए जाने वाला भोजन फेंकने तथा कर्मचारियों से अभद्रता की बातें सामने आईं थीं। उस समय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने इलाज में सहयोग नहीं करने पर जमातियों पर नाराजगी जताते हुए मीडिया में बयान दिया था। स्टिंग के दौरान तब्लीगी जमातियों पर अभद्र टिप्पणी करने वाला वीडियो दो माह बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसपर उनका चौतरफा विरोध शुरू हो गया था। समाज विशेष के प्रतिष्ठित लोगों समेत पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से कार्रवाई की मांग उठाई।

प्राचार्य का वीडियो वायरल होने से चौतरफा दबाव बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने शासन से रिपोर्ट तलब की थी। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी से रिपोर्ट मांगी थी। इसपर डीएम ने एडीएम सिटी एवं एसपी क्राइम को जांच सौंपते हुए प्रकरण की रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। बीते सप्ताह बुधवार को डीएम ने शासन को जांच रिपोर्ट भेज दी थी। इसके बाद सुबह ही प्राचार्य का झांसी मेडिकल कॉलेज तबादला होने की अफवाह उड़ गई थी। हालांकि बाद में प्राचार्य प्रो. आरती लालचंदानी ने इस अफवाह को गलत बताया था। सूत्रों की मानें तो प्राचार्य ने तबादला आदेश रुकवाने का प्रयास किया था, जिस वजह से उनके तबादले का फैसला शासन ने फिलहाल टाल दिया था।

बुधवार की देर रात अचानक शासन से आदेश आने के बाद प्रो. आरतीलाल चंदानी को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से हटा दिया गया। आदेश मिलते ही सुबह चार बजे डीएम ब्रह्म देवराम तिवारी ने एसीएम जयेंंद्र और स्वरूप नगर सीओ को भेजकर प्रो. आरती लाल चंदानी को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) कार्यालय से संबद्ध किए जाने का आदेश तामील कराया और डॉ. आरबी कमल को प्राचार्य पद का चार्ज हैंडओवर कराया। डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की डॉ आरतीलाल चांदनी का ट्रांसफर आदेश देर रात प्राप्त हुआ था, उनसे चार्ज लेकर डॉ आरबी कमल को प्राचार्य का प्रभार सौंपा गया है।