न्यायिक आयोग की टीम फिर पहुंची बिकरू गांव, पुलिस अफसरों से ली जानकारी

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कांशीराम नेवादा में भी की जांच

वेद गुप्ता।

कानपुर। दो जुलाई की रात चौबेपुर के बिकरू में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या और मुख्य आरोपित दुर्दांत अपराधी विकास दुबे समेत छह अन्य के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की टीम शुक्रवार सुबह दोबारा कानपुर पहुंच गई। सर्किट हाउस में पुलिस अफसरों से पूछताछ के बाद आयोग के सदस्य बिकरू पहुंचे, यहां से कांशीराम नेवादा में मुठभेड़ स्थल पर जाकर जांच की।

सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता में हाईकोर्ट से रिटायर्ड जस्टिस एसके अग्रवाल और प्रदेश के पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता न्यायिक आयोग में शामिल हैं। आयोग की टीम पहले भी चार अगस्त को कानपुर आ चुकी है। उस समय बिकरू में घटनास्थल का जायजा लिया था। वापस जाने के बाद आयोग में शामिल एक स्टॉफ के कोरोना संक्रमित मिलने पर तीनों सदस्य सेल्फ क्वारंटाइन हो गए थे।

शुक्रवार की सुबह आयोग के सदस्य सर्किट हाउस पहुंच गए, यहां पर पुलिस अफसरों के साथ बैठक करके बिकरू रवाना हुई है। इससे पहले आइजी मोहित अग्रवाल और आयोग के सदस्य बिकरू पहुंच गए हैं। आयोग के सदस्यों ने बिकरू गांव के पास कांशीराम नेवादा पहुंचकर जांच शुरू की है। जिस मंदिर के पास अतुल दुबे व प्रेम प्रकाश का एनकाउंटर हुआ था, वहां पर हर बिंदुओं पर की गहन जांच की। आयोग के सदस्य दोबारा विकास के घर और मुठभेड़ स्थल पर छानबीन और ग्रामीणों से भी पूछताछ कर सकते हैं।