कोरोना जागरूकता के अंतर्गत आज सीफार संस्था ने, योगासन को बताया रामबाण, संक्रमण से बचाव के लिए

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कोरोना से बचाव को योगासन रामबाण उपाय

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के टिप्स भी दिए

जागरूक कानपुर अभियान के तहत सीफार ने आयोजित की योग पाठशाला

वेद गुप्ता /प्रभात त्रिपाठी
निशंक न्यूज़

कानपुर, ।कोरोना से बचाव के लिए योगासन एक रामबाण उपाय हैं। योग से शरीर पूरी तरह से स्वस्थ रहता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ ही श्वसन तंत्र भी मजबूत होता है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने का एकमात्र सर्वमान्य हल योगासन ही है। यह बात कानपुर देहात योगा एसोसिएशन की अध्यक्ष व योग गुरू भावना श्रीवास्तव ने स्वराज वृद्धाश्रम, पनकी में आयोजित योग शिविर में बुजुर्गों को योगासन की जानकारी देते हुए कही। इस योग शिविर का आयोजन जिला प्रशासन के जागरूक कानपुर अभियान के तहत सेंटर फार एडवोकेसी एंड रिसर्च ( सीफार) संस्था द्वारा आयोजित किया गया।

इस मौके पर उन्होंने बुजुर्गों को योग के विभिन्न आसनों उष्ट्रासन, पश्चिमोत्तानासन, मंडूकासन, पवनमुक्तासन और उत्तानपादासन के बारे में जानकारी देते हुए इन्हें कराया भी। कार्यक्रम में मौजूद कानपुर महिला उद्योग व्यापार मंडल की अध्यक्ष एवं काउंसलर डॉ. अनुपम जैन ने अपने संवादों से बुजुर्गों को ठहाके लगवाए। उन्होंने खुद को स्वस्थ्य रखने और योग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए दैनिक जीवन में किए जाने वाले कई नुस्खे भी बताए। उन्होंने बढ़ती उम्र में हाथ, पैर, आंख, गर्दन, पीठ से संबंधित आम बीमारियों और उसके उपचार व बचाव की भी जानकारी दी। उन्होंने आयुष मंत्रालय द्वारा स्वीकृत होम्योपैथिक इम्युनिटी बूस्टर भी बुजुर्गों को उपलब्ध कराया। इस मौके पर कई महिला और पुरूष बुजुर्गों ने सवाल भी पूछे। कानपुर देहात योगा एसोसिएशन के महासचिव व योग गुरू रजत वर्मा ने भास्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम: विलोम, भ्रामरी, उदगीथ और अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी देते हुए इन्हें करके भी दिखाया।

इस मौके पर इंटरनेशनल योगा चैंपियन श्रेयांश झा द्वारा प्रस्तुत योगासन ने हर किसी का मनमोह लिया। कार्यक्रम में वृद्धाश्रम के संरक्षक एसके चौधरी सहित सीता तिवारी, तृप्ति देवी श्रुति झा आदि मौजूद रहे।

बढ़ती हैं श्वेत रक्त कणिकाएं

योग गुरू भावना श्रीवास्तव का कहना है कि नियमित योगासन करने से श्वेत रक्त कोशिकाओं और रोग से प्रतिरोधात्मक क्षमता में वृद्धि होती है। जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है कि कोई वायरस हमें संक्रमित नहीं कर पाता है। इस तरह महज योग से हम कोरोना से लड़ाई जीत सकते हैं। इसके साथ ही पांच प्राणायाम और पांच आसनों के जरिये रक्तचाप, तनाव, मुधमेह, हृदयरोग आदि से बचा जा सकता है।
खानपान का रखें ध्यान* डॉ. अनुपम जैन का कहना है कि खाने में विटामिन-सी से युक्त नींबू, संतरा और आंवले का भरपूर इस्तेमाल करें। तुलसी, गिलोय और काली मिर्च का काढ़ा बनाकर दिन में तीन से चार बार लेना चाहिए। इससे शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है। संभव हो तो घर में हवन सामग्री में गाय का घी, गूग्गल और कपूर मिलाकर यज्ञ करें। इसके धुएं से घर में किसी भी तरह का बैक्टीरिया अथवा वायरस मर जाएगा।