नागिन की मौत के गम में नाग ने भी तोड़ा दम

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ग्रामीणों ने नाग-नागिन के जोड़े के इच्छाधारी होने का किया दावा

निशंक न्यूज

अलीगढ़। नाग-नागिन के जोड़े को लेकर प्रेम कहानियां तो बेहद प्रचलित है। माना जाता है कि इनका जोड़ा प्रेम के साथ ही वियोग में भी कुछ करने को तैयार रहता है। अलीगढ़ में लोग इनकी हकीकत से रूबरू हो गए। यहां के एक गांव में नागिन की मौत के बाद उसके गम में नाग ने भी दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने नाग-नागिन के जोड़े के इच्छाधारी होने का दावा किया है। इनको पकड़ने आए सपेरे ने भी करीब बीस वर्ष में इस प्रजाति के सांप को पहली बार देखने का दावा किया है। अब इनकी मौत की चर्चा से पूरे क्षेत्र में खलबली मची है।

अलीगढ़ में इन दिनों कथित तौर पर इच्छाधारी नाग-नागिन के एक-दूसरे के वियोग में मरने की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। नागिन की मौत के दो दिन बाद नाग नागिन के अवशेष के पास पहुंचा और काफी इंतजार के बाद भी जब नागिन सामने नहीं आई तो उसने भी दम तोड़ दिया। ग्रामीणों में चर्चा है कि दोनों ही इच्छाधारी नाग-नागिन थे। सफेद नागिन को पकड़ने वाले सपेरे ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में उसने कभी इस प्रजाति का सांप नहीं देखा।

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में सफेद नागिन निकल आई थी, जिसे पकड़ने के लिए एक सपेरा को बुलाया गया था। जब सपेरा ने नागिन को पकड़ लिया तो उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद नागिन का सपेरा और ग्रामीणों ने मिलकर अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार के बाद जहां नागिन का अवशेष रखा हुआ था, वहां एक सफ़ेद नाग पहुंचा। वह काफी देर तक कलश के इर्द-गिर्द घूमता रहा और बाद में उसने भी दम तोड़ दिया। यहां पर ग्रामीण इस घटना को नाग-नागिन के प्रेम से जोड़कर देख रहे हैं।

वैसे तो ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं, लेकिन रियल लाइफ की यह घटना अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। आठ जनवरी को इगलास के जैथरा गांव के किसान पवन अग्रवाल के खेत में एक सफेद सांप टहलता हुआ मिला। उसके भगाने पर भी सांप टस से मस नहीं हुआ। इसके बाद पवन अग्रवाल ने दोपहर को सपेरे उमाशंकर को बुलाया। सपेरे ने तो सांप को पकड़ लिया गया। इसके बाद उमाशंकर सांप को पकड़ कर घर ले गया था। बताया जाता है कि इसी दौरान सांप ने सपेरे की अंगुली में काट लिया था।

उमाशंकर ने अन्य सपेरों से जानकारी ली तो पता चला की जिस सांप को वह पकड़कर लाया है, वह सफेद कुटुम्बी नागिन है। सपेरे की हालत नाजुक होने पर उसको स्वास्थ्य केंद्र (अलीगढ़) भेज दिया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। सपेरे उमाशंकर ने नागिन को जहां से पकड़ा था, वहीं छोड़ दिया। उसके छोड़ने के कुछ घंटे बाद नागिन मर गई। जहां पर नागिन मरी थी, वहीं पर दो दिन बाद आकर नाग ने भी दम तोड़ दिया।