जानिए क्यों मंदिरों में लगा गाड़ियों का तांता ?

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विकास वाजपेयी
सड़को में भीड़ है गाड़ियों की रेलमपेल के बीच लोग खरीदारियों में मशगूल है। रोज़ की अपेक्षा आज के दिन शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई सी दिखाई दे रही है। खासकर शहरों के प्रमुख बाजारों की तरफ यदि कोई रुख करता है तो उसको जाम की समस्या से जूझना पड़ सकता है।
आज धनतेरस है। बाजारों में सरगर्मी है लोग हिन्दू रीति रिवाजों के अनुसार आज घर के लिए कोई नया सामान खरीदते हैं यहाँ तक कि सुई से लेकर बड़ी कारों का बाजार आज गर्म रहता है। उनकी खरीददारी के बाद उनका दीवाली के दिन पूजन की भी प्रथा है।
वैसे तो आर्थिक जानकारों के अनुसार देश में मंदी का दौर चल रहा है लेकिन सकारात्मक सोच के धनी आर्थिक विशेषज्ञ ये मानते है कि दीपावली के बाद से मंदी का असर कुछ हद तक खत्म हो सकता है। और यदि शुक्रवार को मन्दिरों के बाहर की भीड़ देखी जाए तो ये उम्मीद जरूर की जा सकती है कि वाहन खरीद में तो मंदी का असर कम पड़ने वाला है। आज सुबह से शहर के प्रमुख मंदिरों के बाहर सैकड़ो की संख्या में नए वाहनों के खरीददार गाड़ियों की पूजा के लिए कतार लगाए मिले। खासकर आनंदेश्वर महादेव परमट मंदिर, सिद्धनाथ महादेव जाजमऊ, बनखंडेश्वर महादेव सीसामऊ मंदिर, पनकी बड़े हनुमान जी मंदिर, ड्योढ़ी घाट हनुमान मंदिर, सोंटेवाले हनुमान जी मंदिर के बाहर भक्तों का तांता लगा रहा। सभी भक्त आज एक विशेष मुराद के साथ दर्शन करने को आये थे। रोज की अपेक्षा मंदिरों के पुजारी गाड़ियों की पूजा में ज्यादा व्यस्त दिखाई दिए। सिद्धनाथ महादेव मंदिर के पुजारी श्यामदेव जी का कहना है कि पहले की अपेक्षा विगत कई वर्षों से लोग गाड़ियों की पूजा कराने के लिए मंदिरों का रुख करते है। वहीं एक गाड़ी के खरीददार राजेश सिंह कहते है कि उनकी आस्था सोंटेवाले हनुमान जी पर काफी प्रगाढ़ है इसलिए गाड़ी की डिलीवरी जैसे ही उनके हाथों में आई वो सीधे पहले मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुँच गए। पंडित जी ने गाड़ी में स्वस्तिक का निशान बना कर पूजन किया।