गंगा रिवर फ्रंट योजना को धरातल पर लाने की कवायद शुरू

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केडीए बोर्ड बैठक में हुई योजना पर चर्चा, बैराज से जाजमऊ तक होगा विस्तार

महेश सोनकर

निशंक न्यूज/कानपुर। वह दिन दूर नहीं जब गंगा में नौकायन करते हुए सुंदर पार्क, पिकनिक स्पॉट, बोट क्लब आदि नजर आएंगे। केडीए बोर्ड बैठक में गंगा रिवर फ्रंट का जिक्र होते ही इसे धरातल पर लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। फिलहाल इसे बैराज से जाजमऊ तक बनाए जाने की योजना है। इसके लिए गंगा किनारे बसे लेागों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। पहले चरण में बैराज से सीसामऊ नाला तक काम होगा।

केडीए बोर्ड बैठक में मंडलायुक्त ने 30 एकड़ भूमि पर इसके निर्माण की बात कही। बता दें कि शहर में रिवर फ्रंट की परिकल्पना सबसे पहले उच्च शिक्षा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार ने की थी। राष्ट्रीय गंगा परिषद की कानपुर में होने वाली बैठक से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीएम से रिवर फ्रंट की बात छेड़ी थी। यह बात मुख्यमंत्री को इतनी अधिक भायी थी कि उन्होंने तुरंत मंडलायुक्त सुधीर एम बोबडे से इस पर बात की और नाव में सेल्फी प्वाइंट तक जाते समय उन्होंने गंगा के किनारे बने घरों को देख उनमें रहने वालों के लिए व्यवस्था करने को कहा था।

रिवर फ्रंट बनने से गंगा का किनारा गुजरात की साबरमती रिवर फ्रंट की तरह सुरक्षित हो जाएगा। यहां वाटर एक्टिविटी डेवलप की जा सकेगी। गंगा में गिरने वाले छोटे-छोटे नाले बंद हो जाएंगे। किनारा साफ-सुथरा होगा तो पर्यटक भी आकर्षित होंगे। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार ने बताया कि गंगा किनारे की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रिवर फ्रंट की बात रखी थी। मुझे लगा था कि यह सही अवसर है क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक में भी रहना था।