आज गंगा यात्रा का समापन नहीं बल्कि गंगा युग का शुभारम्भ है -–योगी आदित्यनाथ

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अमृतांश बाजपेई \ वेद गुप्ता

कानपुर | बिजनौर और बलिया से शुरू होकर कानपुर पहुंची गंगा यात्रा के समापन पर आज अटल घाट गंगा बैराज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अपने मंत्री मंडल के सहयोगियों के साथ माँ गंगा की आरती कर गंगा माँ का आशीर्वाद लिया| इस दौरान उन्होंने फर्रुखाबाद की घटना का जिक्र करते हुए कहा- 1 दरिंदा 23 बच्चों को कब्जे में लिए था, लेकिन मां गंगा के अशीर्वाद से सभी बच्चे सकुशल हैं और दरिंदे को पुलिस ने मार गिराया गया है। अओको बतादें कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री डाक्टर महेंद्र सिंह के साथ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मोर्या केबिनेट मंत्री सतीश महाना,सुरेश राणा,कमल रानी वरूण सहित कानपुर की महापौर श्रीमती प्रमिला पाण्डेय के साथ करीब एक दर्जन मंत्री उपस्थित रहे |

आज गंगा यात्रा का समापन नहीं बल्कि गंगा युग का शुभारम्भ है

गंगा यात्रा के समापन पर उत्साह से लबरेज आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा बैराज पर हुई जनसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को मजबूत बनाने का आह्वान किया, जिसमें गंगा की निर्मलता के साथ उसे अर्थव्यवस्था से जोड़ना सबसे प्रमुख है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माँ, माटी और मनुष्यता के महात्म्य को अभिनंदित करने का पुण्य प्रयास है ‘गंगा यात्रा’. आज ‘गंगा यात्रा’ का समापन नहीं बल्कि ‘गंगा युग’ का प्रारंभ है. गंगा आराधना हेतु आस्था और अर्थव्यवस्था के समवेत स्वरों में रचित नव गीत के निर्माण की भावभूमि है ‘गंगा यात्रा’. गंगा किनारे के जो लोग इससे जुड़े हुए हैं, उनकी आजीविका को इसके माध्यम से और मजबूत किया जाएगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात कही.सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं और भ्रष्टाचार को छोड़ेंगे नहीं |

अर्थव्यवस्था से जोड़ी जाएगी गंगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की शुरूआत से ही नीति है कि सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होगा. कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा. इसके साथ ही भ्रष्टाचारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि मां गंगा का आर्शीवाद था कि एक दिन पहले कार्यक्रम में विध्न पड़ने की जो पृष्ठभूमि तैयार हो गई थी, वह खत्म हो गई. मुख्यमुंत्री ने कहा कि 14 दिसंबर को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कानपुर में राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक की थी तो उन्होंने गंगा की निर्मलता, आस्था के साथ इसे अ​र्थव्यवस्था से जोड़ने की बात कही थी. पांच दिनों की इस गंगा यात्रा में इसी सूत्रवाक्य पर काम किया गया है. उन्होंने कहा कि गंगा की निर्मलता के साथ उसे अर्थव्यवस्था से तेजी से जोड़ा जाएगा. इसको लेकर यात्रा के पड़ावों पर सभी को संकल्प भी दिलाया गया है. यह यात्रा पीएम के उसी संकल्प का एक अभियान थी. उन्होंने कहा कि गंगा किनारे के किसान, मल्लाह और जिनका भी इससे व्यवसाय जुड़ा है, उन सभी के माध्यम से अर्थ गंगा के संकल्प को मजबूत किया जाएगा.